Cyber crime police station building and digital security setup in an Indian city.
The police are investigating a gang in Indore that commits fraud under the pretext of offering loans.

Online Medicine Order Fraud: सोशल मीडिया पर सस्ती दवा का विज्ञापन देखकर उसे खरीदने के फेर में आप साइबर फ्रॉड का शिकार हो सकते हैं। ऐसी ही एक घटना न्यायधानी में हुई, जहां फेसबुक पर दवा का विज्ञापन देखकर ऑनलाइन ऑर्डर करना बिलासपुर में शराब भट्ठी के मैनेजर को भारी पड़ गया। साइबर ठगों ने डिलीवरी दोबारा कराने के नाम पर उनके मोबाइल पर एपीके फाइल डाउनलोड कराई और दो दिनों में बैंक खाते से 1 लाख 12 हजार 579 रुपये निकाल लिए।

मामला सरकंडा थाना क्षेत्र का है। देवरीखुर्द अटल आवास निवासी चोखे लाल वर्मा लिंगियाडीह शराब दुकान में मैनेजर हैं। उन्होंने 13 अगस्त को फेसबुक पर दवा का विज्ञापन देखकर ऑनलाइन ऑर्डर किया था। कंपनी की ओर से भेजे गए क्यूआर कोड के जरिए उन्होंने 1,000 रुपये का भुगतान भी कर दिया।

पार्सल पहुंचने के बाद डिलीवरी एजेंट से किसी कारणवश वे सामान नहीं ले पाए, तो उन्होंने कंपनी से संपर्क किया। कथित कंपनी की ओर से पार्सल दोबारा भेजने के लिए सिर्फ 2 रुपये का ऑनलाइन भुगतान करने को कहा गया। भुगतान असफल बताकर ठगों ने उनसे कई बार प्रयास कराया।

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इसी दौरान एक लिंक के जरिए उनके मोबाइल में एपीके फाइल डाउनलोड कराई गई। फाइल डाउनलोड होते ही उनके मोबाइल का कंट्रोल ठगों के हाथ में चला गया और खाते से रकम कटनी शुरू हो गई। दो दिनों में कुल 15 बार ट्रांजेक्शन कर 1 लाख 12 हजार 579 रुपये की ठगी की गई।

खाते से पैसे कटने का पता चलने पर पीड़ित ने तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत की और उसके बाद सरकंडा थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और लोगों से अपील की है कि अनजान लिंक, क्यूआर कोड और एपीके फाइल डाउनलोड करने से बचें।

FAQ: ऑनलाइन दवा के फेर में हुआ फ्रॉड

सवाल 1. बिलासपुर में साइबर ठगी की यह घटना कैसे हुई?

जवाब: पीड़ित ने फेसबुक पर दवा का विज्ञापन देखकर ऑर्डर किया और 1000 रुपये QR कोड से भुगतान किया। डिलीवरी न ले पाने पर दोबारा भेजने के नाम पर 2 रुपये का भुगतान करने को कहा गया और APK फाइल डाउनलोड कराई गई, जिसके बाद खाते से पैसे निकल गए।

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सवाल 2. पीड़ित कौन है और कितनी ठगी हुई है?

जवाब: पीड़ित चोखे लाल वर्मा हैं जो देवरीखुर्द अटल आवास के निवासी हैं और लिंगियाडीह शराब दुकान में मैनेजर हैं। उनके खाते से 15 ट्रांजेक्शन में कुल 1 लाख 12 हजार 579 रुपये निकाले गए हैं।

सवाल 3. APK फाइल से फ्रॉड कैसे होता है?

जवाब: APK फाइल डाउनलोड होते ही ठगों को आपके मोबाइल का पूरा एक्सेस मिल जाता है। वे आपके SMS, OTP और बैंकिंग ऐप्स को कंट्रोल कर लेते हैं और बिना OTP के भी पैसे निकाल सकते हैं।

सवाल 4. ऐसी ठगी से बचने के लिए क्या करना चाहिए?

जवाब: किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, अनजान APK फाइल कभी डाउनलोड न करें, 2-5 रुपये के छोटे भुगतान के झांसे में न आएं और ठगी होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।