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रेल कॉरिडोर का निर्माण बना किसानों के लिए मुसीबत, ठेकेदार बिना अनुमति मिट्टी खोदकर खेतों को कर रहे हैं बर्बाद, पुलिस और राजस्व अमला मौन

रेल कॉरिडोर का निर्माण बना किसानों के लिए मुसीबत, ठेकेदार बिना अनुमति मिट्टी खोदकर खेतों को कर रहे हैं बर्बाद, पुलिस और राजस्व अमला मौन
तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य
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कोरबा। जिले में गेवरा से पेंड्रा के बीच रेलवे कॉरिडोर का निर्माण जारी है, मगर इस परियोजना में काम कर रहे ठेकेदारों की मनमानी के चलते इलाके के किसान काफी परेशान हैं। पूर्व में ग्रामीणों की शिकायत के बाद राजस्व अमले द्वारा की गई कार्रवाई के बावजूद कंपनी के लोग अपनी मर्जी से किसी की भी खेत या जमीन खोद कर मिटटी निकाल रहे हैं, इससे कई किसानों के खेतों पर बड़े-बड़े गड्ढे निर्मित हो गए हैं। इस फेर में ग्रामीणों की उपजाऊ जमीन ख़राब हो रही हैं, वहीं शिकायत के बावजूद न तो प्रशासनिक अमला और न ही पुलिस ग्रामीणों की मदद कर रही है।

रातों-रात बन गया विशालकाय गड्ढा

उप सरपंच विष्णुदास

कटघोरा ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले ग्राम डोंगरी के उप सरपंच विष्णुदास को सुबह सबेरे पता चला कि रेल कॉरिडोर के ठेकेदार ने उनकी जमीन खुदवा दी है, विष्णु दौड़-भागकर अपने खेत में पहुंचा तो देखा कि कल तक जो जमीन सपाट थी वहां 20 फ़ीट का गहरा गड्ढा निर्मित हो गया है। ऐसा ही यहां के किसान चंद्रभान दास के साथ हुआ। रातों-रात उसके खेत में 10 फ़ीट गहरा गड्ढा खोद दिया गया है। ऐसा एक-दो नहीं बल्कि कई किसानों की जमीनों पर किया गया है। अब किसान परेशान हैं कि जब उन्होंने ठेकेदार को अनुमति नहीं दी है, तब उनकी जमीन कैसे खोद दी गई है। और अब वे अपनी इस जमीन का क्या उपयोग करेंगे ?

रोक दी गाड़ियां फिर भी मनमानी जारी

गेवरा-पेंड्रा रेल कॉरिडोर के निर्माण का ठेका इरकॉन कंपनी को मिला हुआ है, और इस कंपनी ने कुछ ठेकेदारों को मिट्टी खोदकर परिवहन करने का काम दे रखा है। इन्हीं में शामिल ठेकेदार गनपत और साइट इंचार्च प्रेम चौधरी द्वारा किसी भी किसान की जमीन पर खुदाई की जा रही है। दो दिन पूर्व गुस्साए ग्रामीणों ने खुदाई में लगी मशीनों और ट्रकों को रोक लिया और इसकी खबर पुलिस और राजस्व अमले को दी। मगर घंटों इंतजार के बाद भी कोई अमला नहीं पहुंचा, और इसके बाद ठेकेदार के लोग गाड़ियां लेकर चलते बने।

महिलाओं ने ठेकेदार दौड़ा-दौड़ा कर पीटा

दरअसल डोंगरी के ग्रामीण पिछले एक पखवाड़े से अपने खेतों में मनमाने तरीके से की गई खुदाई से परेशान हैं और इसकी लिखित शिकायत SDM कटघोरा से कर चुके हैं मगर कोई भी कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीण गुस्से में हैं। एक दिन पूर्व ही किसान चंद्रभान दास और उसकी पत्नी उषाबाई की ठेकेदार गनपत और उसके सुपरवाइजर प्रेम चौधरी से खेत को ख़राब कर दिए जाने के नाम पर बहस हो गई तब दोनों ने दादागिरी दिखाते हुए महिला का हाथ पकड़ कर उसे जमीन पर गिरा दिया और जमकर धमकाया। इस वाकये के बाद गुस्साए ग्रामीण ठेकेदार के साइट पर पहुँच गए। यहां गांव की महिलाओं ने गनपत को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। इसके बाद सभी दीपका थाने पहुंचे और गणपत तथा प्रेम चौधरी के खिलाफ FIR दर्ज करने के लिए लिखित में शिकायत की।

खुदाई का क्या है नियम..?

मिटटी के लिए किसी की भी जमीन को खोदने के लिए किसान का सहमति पत्र लेकर उसकी जमीन के दस्तावेज खनिज विभाग में जमा कराये जाते हैं। विभाग से लिखित में अनुमति लेकर ही जारी नियम कायदों के तहत खुदाई करने का प्रावधान होता है। रेल कॉरिडोर के लिए संबंधित ठेकेदार द्वारा कई किसानों से सहमति के आधार पर खनिज विभाग से अनुमति लेकर खुदाई तो की गई मगर इस अनुमति की आड़ में दूसरे किसानों की भी जमीन खोद दी गई, अब किसान न्याय के लिए भटक रहे हैं।

पेड़ों और बिजली के खंबों को खतरा

रेल कॉरिडोर के लिए अंधाधुंध की जा रही इस खुदाई में हरे-भरे पेड़ों और बिजली के टॉवर तथा खंबों का भी ध्यान नहीं रखा जा रहा है। तस्वीरें बताती हैं की खुदाई के चलते किस तरह पेड़ और बिजली के खंबे अधर में लटक गए हैं। स्वाभाविक है कि आगामी बारिश में पेड़ और खम्बे धराशायी हो जायेंगे।

TRP की खबर पर हुई थी कार्रवाई

बता दें कि पिछली बार TRP न्यूज़ ने रेल कॉरिडोर के लिए कोरबा के पोड़ी-उपरोड़ा ब्लॉक में की जा रही अंधाधुंध खुदाई की खबर का प्रमुखता से प्रकाशन किया था। तब वहां खुदाई करके बिजली के विशालकाय टॉवर को अधर में छोड़ दिया गया था। इस मामले में खनिज और राजस्व अमले ने कार्रवाई करते हुए ठेकेदार के ऊपर लाखों का जुर्माना लगाया था। इस कार्रवाई के बावजूद अब भी खुदाई जारी है। आलम ये है कि बीते कई दिनों से ग्रामीण लिखित शिकायत कर रहे हैं मगर राजस्व का अमला अब तक ग्राम डोंगरी में नहीं पहुंचा है।

खनिज विभाग को भेजते हैं रिपोर्ट - एसडीएम

कटघोरा SDM कौशल तेंदुलकर का इस संबंध में कहना है कि पूर्व में मिली शिकायत पर उनके अमले ने जो प्रतिवेदन दिया उसे कार्रवाई के लिए खनिज विभाग के पास भेज दिया गया। अब जो भी शिकायत आ रही है उसकी जांच करके कार्रवाई की अनुशंसा की जाएगी।

TI ने की ठेकेदार की पैरवी

वहीं जिस उषा नामक महिला ने दीपका थाने में लिखित में ठेकेदार के खिलाफ शिकायत की है उसके पति चंद्रभान दास को कटघोरा थाने के TI फोन करके कहते हैं कि मैं ठेकेदार को बोलकर तुम्हारी जमीन फिर से समतल करवा देता हूँ, मगर जब ग्रामीण ने जमीन 6 -7 तक के लिए खेती के लायक नहीं रहने के एवज में मुआवजे की बात कही तब TI ने ग्रामीण को न्यायलय जाने की सलाह दे डाली। अब ग्रामीण यह नहीं समझ पा रहे हैं कि मामला दीपका थाना क्षेत्र का है और फोन कटघोरा के TI क्यों कर रहे हैं?

बहरहाल बड़े पैमाने पर की जा रही अवैध खुदाई को लेकर राजस्व और पुलिस के अमले का जो रवैया नजर आ रहा है, उससे लगता है कि किसानों के खेत इसी तरह बर्बाद होते रहेंगे या फिर वे गुस्से में कोई गलत कदम न उठा लें।

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The Rural Press ब्यूरो
लेखक / पत्रकार:

The Rural Press ब्यूरो

सम्पादकीय डेस्क (The Rural Press Editorial Team)

The Rural Press की विशेष सम्पादकीय एवं ग्रामीण खोजी पत्रकारिता टीम। जमीनी मुद्दों, कृषि संकट और निष्पक्ष जनसरोकार की विश्वसनीय रिपोर्टिंग।

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