Durg Cyber Crime: साइबर ठग सीधे आपके पास नहीं आते, वे आपके ही जैसे आम लोगों को 5000 से 15000 रुपये के कमीशन का लालच देकर आपका बैंक खाता किराये पर ले लेते हैं। और फिर उसी खाते से लाखों की ठगी की रकम घुमाई जाती है। दुर्ग पुलिस की ताजा कार्रवाई ने इसी Mule Bank Account के बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया है।
पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर चल रहे विशेष अभियान के तहत दुर्ग जिले के 6 थानों – नेवई, पुरानी भिलाई, भिलाई भट्ठी, भिलाई नगर, सुपेला, खुर्सीपार और ACCU की संयुक्त टीम ने 13 लोगों को गिरफ्तार किया है।
क्या होता है Mule Account? – समझिये पूरा खेल
साइबर अपराधी जब किसी से ठगी करते हैं, तो पैसा सीधे अपने खाते में नहीं लेते। वे आपसे कहते हैं – “अपना खाता, पासबुक, ATM कार्ड, चेकबुक और सिम कार्ड दे दो, हर महीने कमीशन देंगे।”
आप लालच में दे देते हैं, फिर होता ये है –
- ठगी का पैसा सबसे पहले आपके खाते में आता है
- वहाँ से तुरंत कई दूसरे खातों में बाँट दिया जाता है
- असली स्रोत छुप जाता है
- पुलिस जब जांच करती है तो खाता आपका, नाम आपका, और जेल भी आप ही जायेंगे
दुर्ग में पकड़े गए 13 आरोपियों ने यही किया था। जांच में उनके खातों में लाखों रुपये का संदिग्ध लेन-देन मिला है।
ऐसे फंसते हैं आम लोग – पुलिस ने बताया मॉडस ऑपरेंडी
- सोशल मीडिया, दोस्तों या दलालों के जरिए संपर्क
- “बस खाता किराए पर दो, कुछ नहीं होगा, 10-15 हजार महीना कमाओ” का झांसा
- पासबुक, ATM, OTP, सिम सब ले लेना
- उसी खाते से साइबर फ्रॉड की रकम का लेन-देन
- पकड़े जाने पर खाताधारक ही मुख्य आरोपी
पुलिस ने इनके पास से बैंक पासबुक, दर्जनों ATM कार्ड, चेकबुक, मोबाइल सिम, मोबाइल फोन और दस्तावेज*जब्त किए हैं।
आप कैसे बचें? – दुर्ग पुलिस की अपील जो हर किसी को माननी चाहिए
दुर्ग पुलिस ने साफ कहा है –
आपका बैंक खाता, आपकी जिम्मेदारी – कमीशन के लालच में अपना खाता किसी को न दें
कभी न करें –
- अपना खाता, ATM, पासबुक, चेकबुक, इंटरनेट बैंकिंग ID किसी अजनबी को न दें
- किसी के कहने पर अपने खाते में आया अनजान पैसा आगे ट्रांसफर न करें
- सिम कार्ड किसी दूसरे के नाम से या दूसरे को उपयोग के लिए न दें
अगर फंस गए हैं तो क्या करें –
- तुरंत अपने बैंक को सूचित कर खाता फ्रीज करायें
- नजदीकी थाने और साइबर सेल को जानकारी दें
- साइबर वित्तीय धोखाधड़ी होने पर तुरंत हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें
- www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें
सबक – 15 हजार नहीं, पूरी जिंदगी दांव पर
इन 13 लोगों को लगा था 15 हजार का फायदा हो रहा है, अब इन पर साइबर ठगी की रकम खपाने, आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी के केस चलेंगे। बैंक खाता ब्लैकलिस्ट होगा, नौकरी नहीं मिलेगी, लोन नहीं मिलेगा।
याद रखिए, साइबर अपराधी जेल नहीं जाता, पहले उसका Mule यानी आप जेल जाते हैं।
FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q1. Mule Bank Account क्या होता है?
जब कोई व्यक्ति कमीशन के लालच में अपना बैंक खाता, ATM, पासबुक, सिम दूसरे को दे देता है और उस खाते का उपयोग साइबर ठगी की रकम को घुमाने-छुपाने के लिए होता है, उसे Mule Account कहते हैं।
Q2. दुर्ग में कितने लोग पकड़े गए?
दुर्ग पुलिस की 6 थानों और ACCU की संयुक्त कार्रवाई में 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिन्होंने 5000 से 15000 रुपये के लालच में अपने खाते उपलब्ध कराए थे।
Q3. अपना खाता देने से क्या नुकसान हो सकता है?
आपका खाता साइबर अपराध में इस्तेमाल होगा तो आप भी आरोपी बनेंगे, जेल हो सकती है, बैंक खाता ब्लॉक, सिबिल खराब, नौकरी और लोन में दिक्कत होगी।
Q4. ठगी होने पर कहां शिकायत करें?
तुरंत हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें, www.cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट करें और अपने बैंक व नजदीकी थाने को सूचना दें।



