Anti Corruption Bureau: छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के आमाबेड़ा क्षेत्र से भ्रष्टाचार का एक बड़ा मामला सामने आया है। यहाँ किसानों की फसल नष्ट होने के बाद बीमा का क्लेम पास कराने के एवज में रिश्वतखोरी का खेल चल रहा था।
आलनार निवासी प्रार्थी सगाऊ राम कोमरा की नष्ट हो चुकी फसल का बीमा प्रकरण तैयार कर 90,000 रुपये की बीमा राशि निकलवाने के लिए ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों द्वारा रिश्वत की मांग की जा रही थी। आरोपी अधिकारियों ने कुल बीमा राशि का 75 प्रतिशत हिस्सा बतौर रिश्वत देने का दबाव बनाया था।
एसीबी जगदलपुर में की गई थी औपचारिक शिकायत
प्रार्थी सगाऊ राम कोमरा इन भ्रष्ट अधिकारियों को रिश्वत नहीं देना चाहता था, बल्कि वह उन्हें कानून के शिकंजे में फँसाकर रंगे हाथों पकड़वाना चाहता था। इस मंशा के साथ प्रार्थी ने एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) इकाई, जगदलपुर में लिखित शिकायत दर्ज कराई। एसीबी की टीम ने नियमानुसार शिकायत का भौतिक सत्यापन कराया, जिसमें दोनों अधिकारियों द्वारा रिश्वत मांगे जाने का मामला पूरी तरह से सही पाया गया। इसके बाद एसीबी ने योजनाबद्ध तरीके से आरोपियों को पकड़ने के लिए जाल बिछाया।
पहली किस्त के रूप में 20 हजार रुपये लेते रंगे हाथों धरे गए आरोपी
सत्यापन के बाद आज दिनांक 14 अक्टूबर 2026 को एसीबी जगदलपुर की टीम ने आमाबेड़ा में एक सफल ट्रैप आयोजित किया। इस कार्रवाई के दौरान आरोपी ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी सुंदर लाल बच्छड़ और प्रवीण उर्फ रिंकू चंद्राकर को प्रार्थी से पहली किस्त के रूप में 20,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया गया। एसीबी की इस त्वरित और सटीक कार्रवाई से भ्रष्ट अधिकारियों में हड़कंप मच गया है।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज किया गया मामला
रंगे हाथों पकड़े जाने के बाद एसीबी की टीम ने दोनों आरोपी कृषि विस्तार अधिकारियों को तुरंत हिरासत में ले लिया। उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित अधिनियम 2018) की धारा 7 और 12 के प्रावधानों के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इस घटना के बाद से कृषि विभाग के भीतर भी हड़कंप की स्थिति है और प्रशासनिक स्तर पर ऐसे भ्रष्ट कर्मचारियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।


