शुक्रवार, 30 अक्तूबर 2026 शुक्र, 30 अक्तू॰ |
संस्करण:
ब्रेकिंग न्यूज़
• Bilaspur: सरे आम गोलियों से भूनकर हत्या, मगर साजिश साबित करने में फेल रही पुलिस, संजू त्रिपाठी हत्याकांड में सभी 22 आरोपी बरी • Chhattisgarh High Court New Judges: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट को मिलेंगे 6 नए जज: सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने इन अधिवक्ता और न्यायिक अधिकारियों के नामों पर लगाई मुहर • CBSE Curriculum Changes 2026: सीबीएसई 10वीं सिलेबस से पर्यावरण शिक्षा बाहर, व्यावसायिक विषय अनिवार्य, जानिए नए नियम और बदलाव • Chhattisgarh Bal Ayog : अब बच्चों के कंधों से उतरेगा भारी बस्तों का बोझ! छत्तीसगढ़ बाल आयोग ने की स्कूल शिक्षा विभाग को ये सिफारिश • Rafale Marine on INS Vikrant: समुंदर में बढ़ी इंडियन नेवी की ताकत, फ्रेंच नेवी के राफेल की INS विक्रांत पर पहली कोशिश में सफल लैंडिंग,देखें वीडियो
TRP Crime News

बैंकॉक में नौकरी का झांसा देकर छत्तीसगढ़ की युवती को म्यांमार में बनाया बंधक, झोंका ठगी के जल में, कोरबा की युवती ने बताया खौफनाक सच

human traffiking myamar
तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य
खास बातें (Key Highlights)
  • विदेश में मोटी सैलरी वाली नौकरी का सपना देखना कितना भारी पड़ सकता है, इसका खौफनाक सच कोरबा में सामने आया है।
  • वहां से उसे म्यांमार के कुख्यात ‘KK Park’ साइबर ठगी सेंटर में 17 महीने तक बंधक बनाकर रखा गया, पीटा गया और जबरन ऑनलाइन ठगी कराई गई।
  • भारतीय दूतावास के दखल से उसकी वतन वापसी हो पाई है।
  • दर्री निवासी पीड़िता को सोशल मीडिया पर बैंकॉक में ऑफिस असिस्टेंट की नौकरी का विज्ञापन दिखा, जिसमें 30 हजार थाई बाट (करीब 86,211 रुपये) सैलरी का दावा था।

कोरबा। विदेश में मोटी सैलरी वाली नौकरी का सपना देखना कितना भारी पड़ सकता है, इसका खौफनाक सच कोरबा में सामने आया है। सोशल मीडिया पर बैंकॉक में 86 हजार रुपये महीने की नौकरी का विज्ञापन देखकर संपर्क करने वाली 36 साल की युवती को महाराष्ट्र की एक महिला बिचौलिये ने बैंकॉक ले जाकर अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करी गिरोह को बेच दिया। वहां से उसे म्यांमार के कुख्यात ‘KK Park’ साइबर ठगी सेंटर में 17 महीने तक बंधक बनाकर रखा गया, पीटा गया और जबरन ऑनलाइन ठगी कराई गई। भारतीय दूतावास के दखल से उसकी वतन वापसी हो पाई है।

दर्री निवासी पीड़िता को सोशल मीडिया पर बैंकॉक में ऑफिस असिस्टेंट की नौकरी का विज्ञापन दिखा, जिसमें 30 हजार थाई बाट (करीब 86,211 रुपये) सैलरी का दावा था। नंबर पर संपर्क करते ही महाराष्ट्र के गोंदिया की रहने वाली 35 वर्षीय स्नेहा भथलाल बडोले उसके संपर्क में आई। मीठी बातों में फंसाकर स्नेहा ने उसे अप्रैल 2025 में मुंबई बुलाया और खुद फ्लाइट से बैंकॉक ले गई।

बैंकॉक से म्यांमार तक तस्करी का रूट, KK Park में बनी बंधक

आरोप है कि बैंकॉक एयरपोर्ट पर उतरते ही स्नेहा ने पीड़िता को मानव तस्करी गिरोह के हवाले कर दिया और खुद भारत लौट आई। गिरोह के लोग उसे सड़क के रास्ते म्यांमार के ‘KK Park’ ले गए, जो पूरी दुनिया में साइबर ठगी और मानव तस्करी का सबसे बड़ा अड्डा माना जाता है। वहां पहुंचते ही उसका पासपोर्ट छीन लिया गया, कमरे में बंद कर दिया गया और मारपीट शुरू कर दी।

फर्जी प्रोफाइल से कराते थे साइबर ठगी, टारगेट पूरा न होने पर टॉर्चर

KK Park के अंदर पीड़िता से जबरन फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल बनवाई गईं और भारतीयों समेत दुनियाभर के लोगों को ऑनलाइन ट्रेडिंग, क्रिप्टो निवेश के नाम पर ठगने को कहा जाता था। टारगेट पूरा न करने पर उसे प्रताड़ित किया जाता था। इस तरह नौकरी की तलाश में गई युवती खुद अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड नेटवर्क की गुलाम बन गई।

भारतीय दूतावास बना फरिश्ता, ऐसे हुई वतन वापसी

परिवार से संपर्क टूटने के बाद किसी तरह पीड़िता ने दूतावास तक अपनी आपबीती पहुंचाई। इसके बाद भारतीय दूतावास, विदेश मंत्रालय, म्यांमार प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने संयुक्त ऑपरेशन चलाया और उसे सकुशल भारत लाया गया। कोरबा पहुंचने पर पुलिस ने उसे परिजनों को सौंपा।

महाराष्ट्र की महिला बिचौलिया गिरफ्तार, कितने में किया था सौदा?

पीड़िता की शिकायत पर दर्री थाने में BNS की धारा 143(2) और 146 के तहत केस दर्ज हुआ। जांच में स्नेहा बडोले की भूमिका साफ होने पर कोरबा पुलिस ने गोंदिया से उसे गिरफ्तार कर कोरबा लाया, जहां कोर्ट से रिमांड मिला है। अब पुलिस जांच कर रही है – पीड़िता को बेचने के बदले स्नेहा को कितनी रकम मिली थी, इस नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल है और कितने युवाओं को अब तक फंसाया जा चुका है।

पुलिस का खुलासा – बैंकॉक का इस्तेमाल क्यों?

दर्री CSP प्रशिक्षु अधिकारी विमल पाठक के मुताबिक, यह गिरोह संगठित अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क है। इसके दस्तावेज और मोबाइल नंबर फर्जी मिले हैं। म्यांमार में सैन्य शासन के कारण सीधे वहां बुलाना मुश्किल है, इसलिए गिरोह पहले बैंकॉक में नौकरी का लालच देता है और फिर सड़क मार्ग से म्यांमार पहुंचा देता है।

0 पुलिस द्वारा जारी KK Fraud का रेखाचित्र

FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q1. कोरबा की युवती के साथ क्या हुआ?
36 वर्षीय युवती को बैंकॉक में ऑफिस असिस्टेंट की 86 हजार रुपये सैलरी वाली नौकरी का झांसा देकर म्यांमार के KK Park साइबर फ्रॉड सेंटर में 17 महीने तक बंधक बनाकर रखा गया और जबरन ऑनलाइन ठगी कराई गई।

Q2. KK Park क्या है?
KK Park म्यांमार के म्यावाडी में स्थित कुख्यात साइबर ठगी और मानव तस्करी का अड्डा है, जहां नौकरी के नाम पर लाए गए युवाओं को बंधक बनाकर साइबर फ्रॉड कराया जाता है।

Q3. युवती को कैसे बचाया गया?
भारतीय दूतावास, विदेश मंत्रालय और म्यांमार प्रशासन के संयुक्त प्रयास से उसे रेस्क्यू कर भारत लाया गया और कोरबा में परिजनों को सौंपा गया।

Q4. इस मामले में किसे गिरफ्तार किया गया है?
महाराष्ट्र के गोंदिया की रहने वाली 35 वर्षीय महिला बिचौलिया स्नेहा भथलाल बडोले को गिरफ्तार किया गया है, जो युवती को बैंकॉक ले जाकर तस्करों को सौंप कर लौट आई थी।

Q5. आरोपी महिला पर कौन सी धाराएं लगी हैं?
दर्री थाने में BNS की धारा 143(2) और 146 (मानव तस्करी) के तहत अपराध दर्ज किया गया है।

Q6. पुलिस ने इस जाल के बारे में क्या बताया?
पुलिस के मुताबिक म्यांमार में सैन्य शासन के कारण सीधे वहां बुलाना मुश्किल है, इसलिए गिरोह पहले बैंकॉक में नौकरी का लालच देता है और फिर सड़क मार्ग से म्यांमार ले जाता है।

Shami Imam
लेखक / पत्रकार:

Shami Imam

विशेष संवाददाता (Special Correspondent)

वरिष्ठ न्यूज़ रिपोर्टर, The Rural Press

The Rural Press के लिए निष्पक्ष और निर्भीक रिपोर्टिंग।

विज्ञापन