Education Department major decision: तखतपुर के घोंघा नदी के एनीकट पर तीन स्कूली बच्चों की तेज बहाव में बहकर हुई दर्दनाक मौत ने प्रशासन को हिला दिया है। हादसे के बाद जिला शिक्षा विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है और बच्चों की सुरक्षा को लेकर सख्त आदेश जारी किया है।
बीते दिनों तखतपुर ब्लॉक के ग्राम समडील के रहने वाले तीन बच्चे अनमोल, स्तुति और शिक्षा जायसवाल शनिवार को नवापारा स्थित स्कूल से पढ़ाई कर पैदल घर लौट रहे थे। रास्ते में घोंघा नदी के एनीकट को पार करते समय अचानक पानी का स्तर बढ़ गया और तीनों तेज बहाव में बह गए। SDRF और पुलिस ने घंटों सर्च के बाद तीनों के शव बरामद किए।
DEO ने जारी किया नया आदेश
प्रभारी DEO अजय कौशिक ने तत्काल प्रभाव से ये निर्देश जारी किए हैं:
- उफनते नदी-नाले, रपटा और जलभराव वाले रास्तों पर पड़ने वाले सभी स्कूलों में बारिश होने पर तत्काल अवकाश
- स्कूल लगने के बाद अचानक तेज बारिश होने पर बच्चों को अकेले घर भेजने पर पूर्ण प्रतिबंध
- अभिभावक खुद स्कूल आएंगे, तभी बच्चे सौंपे जाएंगे, तब तक स्कूल की अभिरक्षा में सुरक्षित रखे जाएंगे
- प्राचार्यों/प्रधान पाठकों को आपातकालीन अधिकार- भारी बारिश की चेतावनी पर बिना वरिष्ठ की अनुमति के छुट्टी घोषित कर सकेंगे
- ग्रामीण अभिभावकों से अपील- मानसून में बच्चों को अकेले जल स्रोतों की तरफ न जाने दें
लापरवाही पर कार्रवाई होगी: DEO
प्रभारी DEO अजय कौशिक ने कहा है कि छात्रों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है, पहले भी निर्देश जारी किए गए थे। सभी संस्था प्रमुखों को सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करना होगा, इसमें शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी, लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई होगी।”
FAQ: हादसे से लिया सबक
सवाल 1. बिलासपुर में बच्चों की मौत कैसे हुई?
जवाब: तखतपुर के समडील के 3 बच्चे अनमोल, स्तुति, शिक्षा शनिवार को नवापारा स्कूल से लौटते समय घोंघा नदी के एनीकट पर अचानक बढ़े पानी में बह गए, SDRF ने शव बरामद किए।
सवाल 2. हादसे के बाद शिक्षा विभाग ने क्या आदेश दिया?
जवाब: DEO ने नदी-नाले, रपटा और जलभराव वाले रास्तों के स्कूलों में तत्काल अवकाश और बारिश में बच्चों को अकेले घर न भेजने, अभिभावक के आने पर ही सौंपने का आदेश दिया है।
सवाल 3. प्राचार्यों को क्या अधिकार दिए गए हैं?
जवाब: भारी बारिश की चेतावनी या जलभराव पर प्राचार्य बिना वरिष्ठ अनुमति के अपने स्तर पर तुरंत छुट्टी घोषित कर सकेंगे, ताकि अनहोनी से बचा जा सके।
सवाल 4. बच्चों की सुरक्षा के लिए क्या प्रोटोकॉल लागू हुआ?
जवाब: स्कूल में मौजूद बच्चों पर विशेष निगरानी, जोखिम भरे रास्तों पर आवाजाही 100% प्रतिबंधित, अभिभावकों के आने तक स्कूल में सुरक्षित रखना अनिवार्य किया गया है।
सवाल 5. DEO अजय कौशिक ने क्या चेतावनी दी है?
जवाब: प्रभारी DEO अजय कौशिक ने कहा कि छात्रों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है, सुरक्षा मानकों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


