Security of Juvenile Observation Home: छत्तीसगढ़ में बाल देखरेख संस्थानों और बाल संप्रेक्षण गृहों की सुरक्षा पर हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने राज्य सरकार से सुरक्षा इंतजामों का पूरा ब्योरा और केंद्र सरकार से आर्थिक सहायता के अधिकार क्षेत्र पर जवाब मांगा है। महिला एवं बहाल विकास विभाग ने बताया है कि बाल संप्रेक्षण गृहों में रिटायर्ड फौजी तैनात किये जायेंगे।
जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त मुख्य सचिव ने शपथपत्र प्रस्तुत किया। सरकार ने 26 बाल देखभाल संस्थानों में 156 सुरक्षा गार्ड तैनात करने का प्रस्ताव रखा है। महासमुंद के बाल देखभाल संस्थान से फरार आठ किशोरों में से पांच को बरामद किया जा चुका है, जबकि बिलासपुर से फरार चार में से तीन किशोर वापस लाए जा चुके हैं।
PHQ के निर्देश और केंद्र को नोटिस
सभी जिलों के कलेक्टरों को सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं।
पुलिस मुख्यालय (PHQ) ने सभी SP को निर्देश दिए हैं- नियमित पेट्रोलिंग, रात्रि गश्त, स्टाफ का पुलिस वेरिफिकेशन, नोडल अधिकारी नियुक्ति, मॉक ड्रिल और मासिक समीक्षा की जाए।
उधर महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा JJ एक्ट, POCSO और मिशन वात्सल्य के तहत अधिकारियों, काउंसलर्स, हाउस मदर्स-फादर्स के लिए आवासीय ट्रेनिंग भी कराई जा रही है।
इसी कड़ी में केंद्र सरकार ने बताया कि जुवेनाइल और बाल संप्रेक्षण गृहों का प्रबंधन केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के अधिकार क्षेत्र में आता है। इस पर हाईकोर्ट ने मंत्रालय को पक्षकार बनाकर व्यक्तिगत शपथपत्र दाखिल करने और 156 गार्डों के वित्तीय भार पर जानकारी देने का निर्देश दिया है। अगली सुनवाई 24 सितंबर को होगी।
FAQ: बाल संप्रेक्षण गृहों की सुरक्षा
सवाल 1. हाईकोर्ट ने बाल संप्रेक्षण गृहों को लेकर क्या निर्देश दिया है?
जवाब: चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र अग्रवाल की बेंच ने राज्य सरकार से सुरक्षा इंतजामों का पूरा ब्योरा और केंद्र सरकार से आर्थिक सहायता के अधिकार क्षेत्र पर शपथपत्र मांगा है।
सवाल 2. सुरक्षा के लिए क्या योजना है?
जवाब: सरकार ने 26 बाल देखभाल संस्थानों में 156 सुरक्षा गार्ड तैनात करने का प्रस्ताव रखा है और रिटायर्ड फौजियों की सेवाएं लेने के लिए सैनिक कल्याण बोर्ड से पत्राचार किया है, साथ ही सुरक्षा ऑडिट भी होगा।
सवाल 3. फरार किशोरों का क्या हुआ?
जवाब: महासमुंद से फरार 8 में से 5 और बिलासपुर से फरार 4 में से 3 किशोरों को बरामद कर लिया गया है, बाकी की तलाश जारी है।
सवाल 4. PHQ ने क्या निर्देश दिए हैं?
जवाब: PHQ ने सभी SP को नियमित पेट्रोलिंग, रात्रि गश्त, स्टाफ वेरिफिकेशन, नोडल नियुक्ति, मॉक ड्रिल और मासिक समीक्षा करने को कहा है।
सवाल 5. अगली सुनवाई कब होगी और केंद्र को क्यों जोड़ा गया?
जवाब: अगली सुनवाई 24 सितंबर को होगी, केंद्र ने बताया कि बाल संप्रेक्षण गृहों का प्रबंधन केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के अधिकार क्षेत्र में है, इसलिए कोर्ट ने उसे पक्षकार बनाकर शपथपत्र मांगा है।


