टीआरपी न्यूज। प्रदेश सरकार की भूपेश बघेल सरकार ने आखिरकार ठोस निर्णय लेते हुए डॉ. खूबचंद बघेल

स्वास्थ्य योजना के तहत 115 बीमारियों के इलाज के पैकेज को सरकारी अस्पतालों के लिए आरक्षित कर दिया।

इनमें हार्ट, किडनी, स्त्रीरोग, जनरल सर्जरी, जनरल मेडिसीन से जुड़ी बड़ी बीमारियां प्रमुख रूप से शामिल हैं।

 

सिजेरियन डिलीवरी भी योजना के तहत सरकारी अस्पतालों में होंगी, जिसके लिए 18,500 रुपए पैकेज रेट तय

किया गया है। एक जनवरी से इन 115 बीमारियों का सरकारी योजना के तहत सिर्फ और सिर्फ सरकारी अस्पतालों

में होगा। अगर इनमें से किसी बीमारी से ग्रसित हैं और निजी अस्पताल में सरकारी योजना से इलाज करवाने की

सोच रहे हैं तो अब ऐसे संभव नहीं हैं। आपको यहां खुद की जेब से ही इलाज की राशि का भुगतान करना होगा।

 

स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने बताया, सरकार सरकारी अस्पतालों के साधन-संसाधन को ज्यादा से ज्यादा

इस्तेमाल करना चाहती है, ताकि निजी अस्पतालों में योजना के तहत जा रही राशि या कहें इलाज के खर्च

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को कम किया जा सके।पूर्व में स्वास्थ्य योजना में 772 बीमारियों के इलाज के पैकेज हैं, अभी इन्हें

अंतिम रूप नहीं दिया गया है।

 

इन आधारों पर किया बीमारियों को आरक्षित

सरकार की मंशा निजी अस्पतालों में जा रहे सरकारी पैसे को कम करना है। इन पैसे से सरकारी अस्पतालो

को सुविधा संपन्न बनाना है। सरकारी अस्पतालों में जिन बीमारियों के इलाज की 100 प्रतिशत गारंटी है,

उन्हें आरक्षित किया जा रहा है। सूत्र की मानें तो सरकारी अस्पतालों के जनरल सर्जरी विभाग में डॉक्टर

पर्याप्त हैं लेकिन सर्जरी कम होती हैं। इसलिए जनरल सर्जरी के 53 पैकेज को आरक्षित किया गया है।

दूसरी वजह ऐसी बीमारियों को आरक्षित किया जाना है, जो आपात चिकित्सा में नहीं आती हैं। समय

लेकर उनका ऑपरेशन/उपचार किया जा सकता है। जो महंगी हैं।

 

योजना के तहत इन बीमारियां का इलाज सिर्फ सरकारी अस्पतालों में

-जनरल सर्जरी- हाईड्रोसिल, संक्रामित कुखरू, पैरों में सूजन, स्तन की गांठ,हर्निया।

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(इलाज के पैकेज 4000 से 30 हजार रुपए तक हैं।)

 

-जनरल मेडिसीन- पेचिस, किडनी संबंधित, मलेरिया, गंभीर एचआईवी, न्यूरो मस्कुलर डिसऑर्डर।

(जिन बीमारियों का इलाज सरकारी अस्पतालों में आसानी से उपलब्ध है, उनकी दरें शून्य कर

दी गई हैं। इलाज के पैकेज अधिकतम 25,000 तक।)

 

-कॉडियोलॉजी- एएसडी डिवाइज क्लोजर, वीएसडी डिवाइज क्लोजर, पीडीए डिवाइज क्लोजर, पीडीए

क्वाइल।ये सभी बीमारियां दिल के सुराग से संबंधित हैं। (इलाज के पैकेज 15,000 से 80,000 हजार तक)

 

यहां देखें आरक्षित बीमारियों की सूची

सरकारी अस्पतालों में जिन बीमारियों का इलाज योजनातंर्गत होगा, उनकी सूची स्वास्थ्य विभाग की

वेबसाइट में देख सकते हैं।अधिक जानकारी 104 आरोग्य हेल्प-लाइन नंबर से ली जा सकती है।

स्वास्थ्य सेवाएं के संचालक नीरज बंसोड़ ने बताया कि अभी शुरुआती निर्णय में 115 बीमारियों को

सरकारी अस्पतालों के लिए आरक्षित किया गया है, कुछ और पर भी मंथन जारी है।

मरीजों सरकारी अस्पतालों के प्रति आकृषित हों, इस दिशा में प्रयास जारी हैं।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।