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World Teachers Day 2026: 5 अक्टूबर को ही क्यों मनाते हैं अंतरराष्ट्रीय शिक्षक दिवस? जानिए पूरा इतिहास

World Teachers Day 2026: आज 5 अक्टूबर को दुनिया भर में विश्व शिक्षक दिवस मनाया जा रहा है। भारत में हर साल 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया जाता है, जबकि वैश्विक स्तर पर 5 अक्टूबर को विश्व शिक्षक दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य दुनियाभर के शिक्षकों के योगदान, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा को सम्मान […]

A teacher teaching in a classroom with students sitting in front of them on World Teachers' Day 2026
तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य

World Teachers Day 2026: आज 5 अक्टूबर को दुनिया भर में विश्व शिक्षक दिवस मनाया जा रहा है। भारत में हर साल 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया जाता है, जबकि वैश्विक स्तर पर 5 अक्टूबर को विश्व शिक्षक दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य दुनियाभर के शिक्षकों के योगदान, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा को सम्मान देना, उन्हें प्रोत्साहित करना और उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।

इसके साथ ही अंतर्राष्ट्रीय एकजुटता को बढ़ावा देना और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के महत्व पर जोर देना भी इस दिवस का उद्देश्य है। विश्व शिक्षक दिवस का आयोजन यूनिसेफ, अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन और एजुकेशन इंटरनेशनल (EI) मिलकर करते हैं। इसकी शुरुआत साल 1994 में हुई थी।

क्या है विश्व शिक्षक दिवस का इतिहास?

5 अक्टूबर 1966 को पेरिस में एक सम्मेलन आयोजित किया गया था। इसमें ‘टीचिंग इन फ्रीडम’ संधि पर हस्ताक्षर किए गए थे। इस संधि में शिक्षकों के अधिकार और जिम्मेदारियों के साथ उनकी भर्ती, रोजगार तथा सीखने-सिखाने के स्तर को बेहतर बनाने से जुड़ी कई सिफारिशें की गई थीं। संयुक्त राष्ट्र में विश्व शिक्षक दिवस को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मनाने के लिए साल 1994 में 100 देशों के समर्थन से यूनेस्को की सिफारिश को पारित किया गया। इसके बाद 5 अक्टूबर 1994 से अंतरराष्ट्रीय शिक्षक दिवस मनाया जाने लगा। साल 2026 में शिक्षकों की स्थिति से संबंधित 1966 की ILO-UNESCO सिफारिश के 60 वर्ष पूरे हो रहे हैं। यह सिफारिश शिक्षकों के अधिकारों, उनकी कार्य परिस्थितियों और शिक्षण पेशे की प्रतिष्ठा से जुड़े महत्वपूर्ण मानकों को तय करती है।

विश्व शिक्षक दिवस 2026 की थीम क्या है?

हर वर्ष यूनेस्को की ओर से विश्व शिक्षक दिवस की थीम तय की जाती है। साल 2026 की थीम है- “शिक्षकों के साथ खड़े होना पेशे की सुरक्षा, उसकी प्रतिष्ठा बढ़ाने और हमारे भविष्य को आकार देने के 60 वर्ष।” इस थीम का उद्देश्य शिक्षकों के योगदान को सम्मान देने के साथ यह समीक्षा करना भी है कि शिक्षा प्रणालियां शिक्षकों को अपने काम को बेहतर तरीके से करने के लिए जरूरी पेशेवर और आर्थिक सहायता उपलब्ध करा रही हैं या नहीं।

बदलती चुनौतियों के बीच शिक्षकों की भूमिका

वर्ष 2026 में 1966 की सिफारिशों में भी संशोधन किया जा रहा है। यूनेस्को के अनुसार आज शिक्षण का पेशा डिजिटल टेक्नोलॉजी, जलवायु परिवर्तन, समावेशी शिक्षा, माइग्रेशन और विस्थापन जैसी नई चुनौतियों का सामना कर रहा है। इसके अलावा शिक्षकों की कार्य संबंधी स्वायत्तता, नीतियां बनाने में उनकी भागीदारी, वेतन, कार्यभार और कामकाज के माहौल को लेकर भी चिंताएं सामने आई हैं। समीक्षा का उद्देश्य बदलती परिस्थितियों को देखते हुए शिक्षकों से संबंधित अंतरराष्ट्रीय दिशानिर्देशों में जरूरी बदलावों पर विचार करना है, ताकि उनके अधिकारों, कार्य परिस्थितियों और पेशेवर हितों की बेहतर सुरक्षा की जा सके।

2030 तक 4.4 करोड़ अतिरिक्त शिक्षकों की जरूरत

दुनिया भर में शिक्षकों की कमी के बीच यह मुद्दा और महत्वपूर्ण हो गया है। यूनेस्को के अनुसार वर्ष 2030 तक प्राथमिक और माध्यमिक स्तर पर सभी बच्चों को शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए दुनिया को 4.4 करोड़ अतिरिक्त शिक्षकों की आवश्यकता होगी। यह आंकड़ा वैश्विक स्तर पर शिक्षकों की भर्ती की चुनौती को दिखाता है। इसके साथ ही नए शिक्षकों की नियुक्ति के अलावा उन्हें इस पेशे में बनाए रखना और उनकी काम करने की परिस्थितियों में सुधार करना भी जरूरी है।

पेरिस मुख्यालय में वैश्विक समारोह

विश्व शिक्षक दिवस का मुख्य वैश्विक समारोह 5 अक्टूबर को पेरिस स्थित यूनेस्को मुख्यालय में आयोजित किया जा रहा है। इसमें विभिन्न देशों के शिक्षा मंत्री, विशेषज्ञ और शिक्षक प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं। इस कार्यक्रम के दौरान शिक्षक विकास के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को नौवें यूनेस्को-हैमदान पुरस्कार (UNESCO-Hamdan Prize) से सम्मानित किया जाएगा।

Rajnisen
लेखक / पत्रकार:

Rajnisen

शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सामाजिक सरोकार रिपोर्टर

सामाजिक न्याय एवं महिला सशक्तिकरण विषयों पर लेखन

स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति, शिक्षा व्यवस्था और जनसुविधाओं पर विश्लेषणात्मक रिपोर्टिंग।

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