नई दिल्ली/मास्को। रूस और यूक्रेन के बीच जंग को अब 24 दिन हो चुके हैं। इस बीच पश्चिमी देशों ने रूस पर जबरदस्त प्रतिबंध लगाए हैं। प्रतिबंधों के बीच भारतीय दवा कंपनियों के लिए रूसी राजदूत का बड़ा बयान सामने आया है। रूसी राजदूत ने कहा है कि रूस के दवा बाजार में भारतीय कंपनियां जगह बना सकती हैं।

बता दें कि पश्चिमी देशों ने रूस पर जबरदस्त प्रतिबंध के कारण करीब दो दर्जन से ज्यादा विदेशी कंपनियों ने रूस के बाजार से खुद के हाथ वापस खींच लिए हैं। इनमें बड़ी रिटेल चेन्स से लेकर दवा कंपनियां तक शामिल हैं।

इस बीच भारत में रूस के राजदूत डेनिस आलिपोव ने कहा है कि आने वाले दिनों में भारत की दवा कंपनियां पश्चिमी दवा उत्पादकों की जगह ले सकती हैं।

रूसी राजदूत ने रोसिया 24 न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा कि भारत दुनियाभर की फार्मेसी का बाजार है और जेनेरिक दवाओं का सबसे बड़ा उत्पादक है, जो कि किसी भी असल दवा से कम नहीं हैं।

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अलिपोव ने स्पूतनिक एजेंसी से कहा कि रूसी बाजार से पश्चिमी कंपनियों का निकलना भारतीय कंपनियों के लिए फायदेमंद हो सकता है। खासकर फार्मा इंडस्ट्री में।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।