भारतीय मूल के पराग अग्रवाल बने ट्विटर के नए सीईओ, बोले एलन मस्क- भारतीय प्रतिभा से अमेरिका को बहुत फायदा हुआ

टीआरपी डेस्क। भारतीय मूल के पराग अग्रवाल ट्विटर के नए सीईओ बन गए हैं। 37 के पराग के ट्विटर के सीईओ बनते ही दुनिया की सबसे नामी कंपनियों का नेतृत्व कर रहे भारतीयों की सूची में एक और नाम शामिल हो गया है।

पराग के ट्विटर सीईओ बनते ही गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई, आईबीएम सीईओ अरविंद कृष्णा, मास्टरकार्ड सीईओ अजयपाल बंगा की तरह अब ट्विटर जैसी कंपनी की कमान भारतीय मूल के युवा के हाथों में आ गई। पराग के सीईओ बनने पर टेस्ला चीफ एलन मस्क ने ट्वीट कर भारतीय टैलेंट की तारीफ की है। उन्होंने कहा कि भारतीय प्रतिभा से अमेरिका को बहुत फायदा हुआ है।

स्ट्राइप के सीईओ पैट्रिक कोलिजन के ट्वीट पर एलन मस्क ने लिखा- भारतीय प्रतिभा से अमेरिका को बहुत फायदा हुआ है। भारतीय मूल के प्रवासी पराग अग्रवाल अब तक कोई बहुत ज्यादा खबरों में नहीं रहे, मगर वह 10 साल से ट्विटर में काम कर रहे थे और चार साल से कंपनी के चीफ टेक्निकल ऑफिसर थे मगर जैक डोर्सी, मार्क जकरबर्ग या ईलॉन मस्क की तरह हाई प्रोफाइल नहीं हैं।

पराग का सफर

पराग अग्रवाल ने आईआईटी बॉम्बे से पढ़ाई की है। इंजीनियरिंग की डिग्री के बाद पराग अग्रवाल ने अमेरिका की प्रतिष्ठित स्टैन्फर्ड यूनिवर्सिटी से कंप्यूटर साइंस में पीएचडी की। उसके बाद माइक्रोसॉफ्ट और याहू में इंटर्नशिप भी की। 2011 में उन्होंने ट्विटर में काम शुरू किया था। तब कंपनी में सिर्फ 1,000 कर्मचारी हुआ करते थे। पिछले साल के आखिर में कंपनी के 5,500 कर्मचारी थे। जल्दी ही अग्रवाल का नाम हो गया। 2017 में वह चीफ टेक्निकल ऑफिसर नियुक्त किए गए।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।