जितिन की ‘प्रसाद पॉलिटिक्स’- सिब्बल ने विचार धारा पर सवाल उठाए तो थरूर बोले- क्या क्रिकेटरों के IPL टीम बदलने की तरह नेता बदलेंगे पार्टी?

जितिन की 'प्रसाद पॉलिटिक्स’- सिब्बल ने विचार धारा पर सवाल उठाए तो थरूर बोले- क्या क्रिकेटरों के IPL टीम बदलने की तरह नेता बदलेंगे पार्टी?
जितिन की 'प्रसाद पॉलिटिक्स’- सिब्बल ने विचार धारा पर सवाल उठाए तो थरूर बोले- क्या क्रिकेटरों के IPL टीम बदलने की तरह नेता बदलेंगे पार्टी?

टीआरपी न्यूज नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले जितिन प्रसाद का भाजपा जॉइन करने के बाद कई कांग्रेस नेताओं ने इसपर नाराजगी व्यक्त करते हुए सवाल उठाए हैं। बता दें कि जितिन प्रसाद के इस फैसले के बाद जी-23 समूह के सदस्यों पर एक बार नजरें टिकने लगी हैं, जिन्होंने पार्टी की हाई कमान सोनिया गांधी को पत्र लिखकर व्यापक सुधारों का आह्वाहन किया था। हालांकि इस समूह के प्रमुख सदस्य कपिल सिब्बल से पूछा गया कि अगर आपको ऐसा कदम उठाना पड़ा तो, कपिल सिब्बल ने जवाब देते हुए कहा कि ऐसे फैसले को मेरे मृत शरीर से होकर गुजरना होगा।

कपिल सिब्बल ने कहा कि मैं इस पर टिप्पणी नहीं करना चाहता है कि पार्टी नेतृत्व ने क्या किया और क्या नहीं। अब हम भारतीय राजनीति में उस स्तर पर पहुंच गए हैं, जहां इस तरह के फैसले विचारधारा पर नहीं लिए जाते हैं। पहले राजनीति में होता था कि आया राम गया राम। ऐसा हमने बंगाल में देखा, जब लोगों को लगा कि राज्य में भाजपा जीतेगी तो ज्यादा से ज्यादा लोगों ने भाजपा ज्वाइन की।

कपिल सिब्बल ने आगे कहा कि अब लोग विचारधारा पर नहीं बल्कि व्यक्तिगत लाभ के लिए चुनाव में उतरते हैं और लड़ते हैं। ऐसा हमने मध्यप्रदेश, कर्नाटक और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में देखा है। सिब्बल ने कहा कि जिस पार्टी के मंच से आप रोज भाजपा को गाली देते थे, सांप्रदायिक और देशविरोधी बताते थे। आज आप वही पार्टी ज्वाइन कर रहे हैं। राजनीति में जब तक विचारधारा के आधार पर आगे नहीं चलेंगे तो ऐसा लगेगा कि ये प्रसाद पॉलिटिक्स है।

दूसरी ओर शशि थरूर ने लिखा “क्या राजनीति सिद्धांत से रहित करियर हो सकती है? राजनीति विचारों के बारे में होनी चाहिए या यह कुछ भी नहीं है। क्या एक दृढ़ विश्वास वाला व्यक्ति राजनीतिक दलों को बदल सकता है, जिस तरह से एक क्रिकेटर आईपीएल टीमों को बदलता है?”

तो उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा है कि “जितिन प्रसाद का भाजपा में शामिल होना हमारे चेहरे पर एक बड़े थप्पड़ की तरह है। यह दुखद और निराशाजनक है। मुझे आश्चर्य है कि उन्होंने कांग्रेस को ‘एक क्षेत्रीय पार्टी’ कहा और उस पार्टी में शामिल हो गए जिसके खिलाफ उनके परिवार ने लड़ाई लड़ी।”

वहीं हरियाणा प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कुलदीप बिश्नोई ने ट्वीट किया, ‘‘पहले ज्योतिरादित्य सिंधिया … और अब जितिन प्रसाद …। कांग्रेस के लिए यह बड़ा झटका है क्योंकि हम उन नेताओं को खो रहे हैं जिन्होंने पार्टी को दिया और आगे भी दे सकते थे। इससे मैं सहमत हूं कि उन्हें कांग्रेस को, खासकर इस मुश्किल समय में नहीं छोड़ना चाहिए था। परंतु कांग्रेस को जन नेताओं की पहचान करके उन्हें मजबूत करना चाहिए ताकि राज्यों में फिर से जीत हासिल की जा सके।’’

बीजेपी ज्वाइन करने के बाद जानें क्या कहा था जितिन प्रसाद ने

पार्टी में ‘‘सम्मान’’ के साथ शामिल करने के लिए जितिन प्रसाद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, शाह और नड्डा को धन्यवाद देते हुए कहा कि उन्होंने बहुत विचार-मंथन के बाद यह फैसला लिया है। ‘‘आज से मेरे राजनीतिक जीवन का एक नया अध्याय शुरु हो रहा है।’’

पिछले कुछ वर्षों में उन्होंने अनुभव किया कि अगर देश में असली मायने में कोई राजनीतिक दल है तो वह भाजपा ही है। ‘‘बाकी दल तो व्यक्ति विशेष और क्षेत्र विशेष के होकर रह गए हैं। आज देश हित के लिए कोई दल और नेता सबसे उपयुक्त है और वह मजबूती के साथ खड़ा है तो वह भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं।’

Hindi News के लिए जुड़ें हमारे साथ हमारे फेसबुक, ट्विटरटेलीग्राम और वॉट्सएप पर