Dhanteras Diya Lighting 2026: धनतेरस पर सोना-चांदी और नए बर्तन खरीदने के साथ दीपक जलाने की भी खास परंपरा है। इस दिन लोग मां लक्ष्मी और भगवान धन्वंतरि की पूजा करते हैं। शाम के समय घर को दीयों से सजाया जाता है।
धार्मिक मान्यता है कि धनतेरस पर घर की कुछ खास जगहों पर दीपक जलाने से सुख-समृद्धि और खुशहाली आती है। इसके अलावा कई परिवारों में यम दीपदान की परंपरा भी निभाई जाती है। अगर आप भी इस धनतेरस घर में दीपक जलाने की तैयारी कर रहे हैं, तो जानिए किन 5 जगहों पर दीया जलाना शुभ माना जाता है।
- घर के मुख्य दरवाजे पर जलाएं दीपक
धनतेरस की शाम घर के मुख्य दरवाजे पर दीपक जलाना शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि मां लक्ष्मी का घर में आगमन मुख्य द्वार से होता है। इसलिए इस दिन दरवाजे को साफ-सुथरा रखा जाता है और उसके दोनों ओर दीपक जलाए जाते हैं। मान्यता है कि इससे घर में सकारात्मकता और खुशहाली आती है।
- पूजा घर में जरूर जलाएं दीया
धनतेरस के दिन पूजा घर में दीपक जलाने का भी विशेष महत्व है। इस अवसर पर भगवान धन्वंतरि, मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा की जाती है। पूजा के दौरान घी या तेल का दीपक जलाकर भगवान के सामने रखना शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इससे घर में सुख-शांति बनी रहती है।
- रसोई घर में जलाएं छोटा दीपक
रसोई को परिवार की खुशहाली और अन्न-समृद्धि से जोड़कर देखा जाता है। यही वजह है कि धनतेरस की शाम रसोई में भी एक छोटा दीपक जलाने की परंपरा है। मान्यता है कि ऐसा करने से घर में अन्न की कमी नहीं होती और मां अन्नपूर्णा की कृपा बनी रहती है।
- तुलसी के पौधे के पास जलाएं दीया
हिंदू धर्म में तुलसी के पौधे को पवित्र माना जाता है। कई घरों में रोज शाम तुलसी के पास दीपक जलाया जाता है। धनतेरस के दिन भी तुलसी के पास घी का दीपक जलाना शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इससे घर में सुख-समृद्धि आती है और परिवार के सदस्यों पर भगवान विष्णु की कृपा बनी रहती है।
- घर की दक्षिण दिशा में करें यम दीपदान
धनतेरस पर दक्षिण दिशा में दीपक जलाने की भी खास परंपरा है। इसे यम दीपदान कहा जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन घर के बाहर दक्षिण दिशा की ओर मुख करके दीपक जलाया जाता है। इसे परिवार के सदस्यों की लंबी उम्र और सुरक्षा की कामना से जोड़ा जाता है। मान्यता है कि यम दीपदान करने से अकाल मृत्यु का भय दूर होता है।
डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और पारंपरिक रीति-रिवाजों पर आधारित है। धनतेरस पर दीपक जलाने की परंपराएं अलग-अलग क्षेत्रों और परिवारों में भिन्न हो सकती हैं। इसे धार्मिक आस्था और मान्यता के रूप में लें।



