Karwa Chauth Moonrise Time: छत्तीसगढ़ में आज गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 को महिलाएं अखंड सौभाग्य और पति की लंबी उम्र के लिए करवा चौथ का निर्जला व्रत रखेंगी। दिनभर भूखी-प्यासी रहने के बाद महिलाएं रात को चांद के दीदार कर अपना व्रत खोलेंगी।
हालांकि, इस बार चक्रवात अर्नब के असर से आसमान में छाए बादलों के कारण चांद के दर्शन में थोड़ी देरी हो सकती है। मौसम और भौगोलिक स्थितियों के चलते अलग-अलग जिलों में चंद्रोदय का समय अलग-अलग तय किया गया है।
छत्तीसगढ़ के शहरों में चंद्रोदय का समय
करवा चौथ का व्रत रखने वाली महिलाएं चंद्रमा के दर्शन का इंतजार करती हैं। इस बार छत्तीसगढ़ के अलग-अलग शहरों में चंद्रोदय के अनुमानित समय में अंतर है।
- बलरामपुर: रात 8:02 बजे
- अंबिकापुर: रात 8:03 बजे
- कोरबा: रात 8:06 बजे
- जगदलपुर: रात 8:17 से 8:22 बजे के बीच
- रायपुर: रात 8:18 बजे
बादलों के कारण देर से दिख सकता है चांद
चक्रवात अर्नब के प्रभाव से छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में आसमान में बादल छाए रहने की आशंका है। ऐसे में चंद्रमा क्षितिज से ऊपर आने के बाद भी तुरंत दिखाई नहीं दे सकता। इसके अलावा ऊंची इमारतों, पहाड़ियों और स्थानीय मौसम की स्थिति के कारण चांद के दर्शन में 10 से 15 मिनट की देरी हो सकती है।
चांद नहीं दिखे तो क्या करें?
ज्योतिषाचार्य के अनुसार, यदि बादलों के कारण करवा चौथ पर चंद्रमा के दर्शन नहीं हो पा रहे हैं, तो महिलाएं भगवान शिव और गणेश जी के मंदिर जाकर मानसिक रूप से चंद्रमा के दर्शन कर सकती हैं। मान्यता है कि भगवान शिव की जटाओं में चंद्रदेव विराजमान हैं। चंद्रमा के दर्शन के बाद व्रत का पारण करें। करवा चौथ पर चंद्रोदय के समय का ध्यान रखने के साथ स्थानीय मौसम की स्थिति पर भी नजर रखें, क्योंकि बादलों के कारण चांद दिखाई देने में देरी हो सकती है।



