सोमवार, 19 अक्तूबर 2026 सोम, 19 अक्तू॰ |
संस्करण:
ब्रेकिंग न्यूज़
Lifestyle

Water Weight Loss: क्या आपका पेट भी रहता है फूला हुआ? हो सकता है वॉटर वेट, ऐसे पाएं राहत

Water Weight Loss: वजन बढ़ने की वजह हमेशा शरीर में जमा फैट नहीं होता। कई बार शरीर में अतिरिक्त पानी जमा होने से भी वजन बढ़ा हुआ महसूस हो सकता है। इसे वॉटर वेट कहा जाता है। डिहाइड्रेशन, ज्यादा नमक खाने और लाइफस्टाइल से जुड़ी कुछ आदतों के कारण ऐसा हो सकता है। इसके चलते […]

Water weight retention causing bloating and facial puffiness with healthy hydration and fitness habits
तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य

Water Weight Loss: वजन बढ़ने की वजह हमेशा शरीर में जमा फैट नहीं होता। कई बार शरीर में अतिरिक्त पानी जमा होने से भी वजन बढ़ा हुआ महसूस हो सकता है। इसे वॉटर वेट कहा जाता है। डिहाइड्रेशन, ज्यादा नमक खाने और लाइफस्टाइल से जुड़ी कुछ आदतों के कारण ऐसा हो सकता है। इसके चलते पेट फूलने, हाथ-पैरों में सूजन और चेहरे पर पफीनेस जैसी समस्याएं दिखाई दे सकती हैं।

वॉटर वेट को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त पानी पीना, खानपान में बदलाव करना और नियमित शारीरिक गतिविधियां करना मददगार हो सकता है।

क्या होता है वॉटर वेट?

वॉटर वेट का मतलब शरीर में अतिरिक्त पानी जमा होने से है। हमारा शरीर लगभग 60 से 70 फीसदी पानी से बना होता है। शरीर के सामान्य कामकाज के लिए पानी जरूरी है, लेकिन जब शरीर में तरल पदार्थों का संतुलन बिगड़ता है, तो ऊतकों में अतिरिक्त पानी जमा हो सकता है। वॉटर वेट बढ़ने का मतलब यह नहीं है कि शरीर में फैट बढ़ गया है। इसी तरह, वॉटर वेट कम होने से शरीर की चर्बी सीधे कम नहीं होती। हालांकि, अतिरिक्त पानी कम होने पर पेट का फूलना और शरीर में भारीपन महसूस होने जैसी परेशानियों में राहत मिल सकती है।

वॉटर वेट कम करने के 5 तरीके

  1. पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं
    शरीर में पानी की कमी होने पर भी तरल पदार्थों का संतुलन प्रभावित हो सकता है। इसलिए दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें। पानी की जरूरत हर व्यक्ति के लिए अलग हो सकती है। यह मौसम, शारीरिक गतिविधियों और शरीर की जरूरत पर निर्भर करती है। पर्याप्त पानी पीने से शरीर में हाइड्रेशन का संतुलन बनाए रखने में मदद मिलती है।
  2. खानपान में करें बदलाव
    खाने में ज्यादा नमक लेने से शरीर में पानी जमा होने की समस्या बढ़ सकती है। इसलिए नमक का सेवन सीमित रखें। ज्यादा चीनी खाने से भी बचें। इसके साथ ही पोटैशियम से भरपूर खाद्य पदार्थों को संतुलित डाइट का हिस्सा बनाएं। लहसुन, पत्तागोभी, हरी पत्तेदार सब्जियां, नींबू और खीरा जैसे खाद्य पदार्थ भी अपने खानपान में शामिल कर सकते हैं। संतुलित डाइट शरीर की पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करने में मदद करती है।
  3. योग और एक्सरसाइज करें
    नियमित शारीरिक गतिविधियां ब्लड सर्कुलेशन बेहतर बनाने में मदद करती हैं। इससे शरीर में अतिरिक्त तरल पदार्थ जमा होने की समस्या को नियंत्रित करने में सहायता मिल सकती है। अपनी क्षमता के अनुसार व्यायाम और योग को दिनचर्या में शामिल करें। हालांकि, हर योगासन सभी लोगों के लिए सुरक्षित नहीं होता। खासकर उल्टे होकर किए जाने वाले आसन बिना उचित मार्गदर्शन के नहीं करने चाहिए।
  4. अभ्यंग मसाज आजमाएं
    अभ्यंग आयुर्वेद में तेल से की जाने वाली मालिश की एक पद्धति है। इसे शरीर को आराम देने और रिलैक्स महसूस करने के लिए अपनाया जाता है।हालांकि, अभ्यंग मसाज से शरीर के टॉक्सिन निकलने या वॉटर वेट कम होने के दावों के पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण स्पष्ट नहीं हैं। अगर शरीर में लगातार सूजन है, तो केवल मालिश पर निर्भर रहने के बजाय उसके कारण का पता लगाना जरूरी है।
  5. शरीर में होने वाले बदलावों पर ध्यान दें
    वॉटर वेट को नियंत्रित करने के लिए अपनी दिनचर्या, खानपान और शरीर में होने वाले बदलावों पर ध्यान दें। अगर पेट फूलने या भारीपन की समस्या बार-बार होती है, तो इसके संभावित कारणों को समझना जरूरी है। शरीर में पानी जमा होने की समस्या लगातार बनी रहने पर इसे सिर्फ वजन बढ़ने का सामान्य संकेत मानकर नजरअंदाज न करें। खासकर पैरों, टखनों या चेहरे पर लगातार सूजन दिखाई देने पर डॉक्टर से सलाह लें।

शरीर में लगातार सूजन हो तो क्या करें?

शरीर में अतिरिक्त पानी जमा होने के पीछे कभी-कभी स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी हो सकती हैं। किडनी, दिल या लिवर से जुड़ी परेशानियां इसकी वजह बन सकती हैं। इसलिए अगर पैरों या चेहरे पर लगातार सूजन बनी रहती है, तो चिकित्सकीय जांच कराना जरूरी है।

वॉटर वेट और शरीर की चर्बी दो अलग-अलग चीजें हैं। अतिरिक्त पानी कम करने के लिए पानी पीना बंद करना या बिना चिकित्सकीय सलाह के पेशाब बढ़ाने वाली दवाओं का इस्तेमाल करना सही तरीका नहीं है।

डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। वॉटर वेट को नियंत्रित करने के लिए बताए गए उपाय हर व्यक्ति पर समान रूप से प्रभावी हों, यह जरूरी नहीं है। शरीर में लगातार सूजन, पेट फूलने या वजन में अचानक बदलाव होने पर डॉक्टर से सलाह लें। यह लेख किसी भी तरह से चिकित्सकीय सलाह, जांच या उपचार का विकल्प नहीं है।

Rajnisen
लेखक / पत्रकार:

Rajnisen

शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सामाजिक सरोकार रिपोर्टर

सामाजिक न्याय एवं महिला सशक्तिकरण विषयों पर लेखन

स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति, शिक्षा व्यवस्था और जनसुविधाओं पर विश्लेषणात्मक रिपोर्टिंग।

विज्ञापन