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दादी-नानी की कहानी से लेकर दिवाली की थाली तक, जानें क्या है सूरन का खास रिश्ता

Traditional Indian Suran elephant foot yam curry served with hot puris for Diwali
तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य
खास बातें (Key Highlights)
  • Diwali Suran Recipe: दिवाली पर पूर्वी उत्तर प्रदेश, खासकर काशी और पूर्वांचल के साथ बिहार के कई घरों में सूरन यानी जिमीकंद की सब्जी और गर्मागर्म पूरियां बनाने की परंपरा है।
  • दीपों के इस त्योहार पर सूरन को सुख-समृद्धि और बरकत का प्रतीक माना जाता है।
  • मान्यता है कि जमीन से निकालने के बाद इसका थोड़ा हिस्सा भी मिट्टी में रह जाए तो यह दोबारा उग सकता है।
  • इसी प्राकृतिक विशेषता को लगातार बढ़ती समृद्धि से जोड़कर देखा जाता है।

Diwali Suran Recipe: दिवाली पर पूर्वी उत्तर प्रदेश, खासकर काशी और पूर्वांचल के साथ बिहार के कई घरों में सूरन यानी जिमीकंद की सब्जी और गर्मागर्म पूरियां बनाने की परंपरा है। दीपों के इस त्योहार पर सूरन को सुख-समृद्धि और बरकत का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि जमीन से निकालने के बाद इसका थोड़ा हिस्सा भी मिट्टी में रह जाए तो यह दोबारा उग सकता है। इसी प्राकृतिक विशेषता को लगातार बढ़ती समृद्धि से जोड़कर देखा जाता है। हालांकि, सूरन की खासियत सिर्फ इसकी लोकमान्यता नहीं, बल्कि इसका देसी स्वाद और इसे पकाने का पारंपरिक तरीका भी है।

बुजुर्गों के बीच इससे जुड़ी एक मजेदार लोककथा भी प्रचलित रही है। दादी-नानी बच्चों से कहती थीं कि जो दिवाली पर सूरन नहीं खाएगा, वह अगले जन्म में छछूंदर बनेगा। इस तरह की कहानियों के जरिए नई पीढ़ी को पारंपरिक खानपान से जोड़ने की कोशिश की जाती थी।

सूरन को क्यों माना जाता है समृद्धि का प्रतीक?

सूरन जमीन के भीतर उगने वाला कंद है। इसकी खासियत है कि मिट्टी में इसका कुछ हिस्सा बचा रह जाने पर यह फिर से उग सकता है। लोकविश्वास में इसी गुण को कभी खत्म न होने वाली बरकत और धन-धान्य से जोड़ दिया गया। दिवाली को माता लक्ष्मी के आगमन और सुख-समृद्धि की कामना का पर्व माना जाता है। ऐसे में इस दिन सूरन को भोजन में शामिल करना शुभ समझा जाता है। पूर्वांचल और बिहार की पारंपरिक दिवाली की थाली में इसकी सब्जी और पूरियों का खास स्थान है।

सूरन सेहत के लिए भी खास, लेकिन पकाना जरूरी

सूरन में डाइटरी फाइबर और कई पोषक तत्व पाए जाते हैं। इसमें मौजूद फाइबर पाचन में मदद करता है। हालांकि, इसे पकाने में सावधानी जरूरी है। सूरन में कैल्शियम ऑक्सलेट के महीन क्रिस्टल्स होते हैं। कच्चा या अधपका सूरन खाने से कुछ लोगों को मुंह और गले में खुजली, जलन या खराश महसूस हो सकती है। इसलिए इसे अच्छी तरह पकाना जरूरी है। पारंपरिक तौर पर इसकी सब्जी में नींबू, अमचूर या दूसरे खट्टे पदार्थों का इस्तेमाल भी किया जाता है।

बाजार में सूरन खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान

अच्छी सब्जी बनाने के लिए सही सूरन चुनना भी जरूरी है। खरीदते समय इन बातों पर ध्यान दें:

  • ठोस और भारी कंद चुनें: सूरन हाथ में उठाने पर वजनदार और दबाने पर कड़ा महसूस होना चाहिए।
  • पिलपिले कंद से बचें: हल्का या दबाने पर नरम लगने वाला सूरन अंदर से खराब हो सकता है।
  • अंदरूनी रंग देखें: कटा हुआ सूरन हल्का गुलाबी या मटमैला सफेद हो सकता है। गहरे काले या भूरे हिस्से वाला कंद न लें।
  • अंकुर निकले हों तो न खरीदें: हरे अंकुर वाले सूरन का स्वाद और बनावट प्रभावित हो सकती है।

मसालेदार सूरन की सब्जी बनाने के लिए जरूरी सामग्री

सामग्रीमात्रा
सूरन500 ग्राम
सरसों का तेल4-5 बड़े चम्मच
नींबू का रस2 बड़े चम्मच
जीरा1 छोटा चम्मच
तेजपत्ता1
सूखी लाल मिर्च2
दालचीनी1 इंच
हल्दी1 छोटा चम्मच
धनिया पाउडर1.5 छोटा चम्मच
कश्मीरी लाल मिर्च1 छोटा चम्मच
गरम मसालाआधा छोटा चम्मच
प्याज2 मध्यम
अदरक-लहसुन पेस्ट1 बड़ा चम्मच
टमाटर की प्यूरी2 टमाटर
अमचूर और नमकस्वादानुसार
हरा धनियासजाने के लिए

सूरन की सब्जी बनाने का तरीका

1. सूरन छीलकर उबालें: सबसे पहले हाथों पर थोड़ा सरसों का तेल लगाएं। सूरन को छीलकर चौकोर टुकड़ों में काट लें। कुकर में पानी, थोड़ा नमक और एक चम्मच नींबू का रस डालें। इसमें सूरन डालकर मध्यम आंच पर एक सीटी आने तक उबालें।

2. टुकड़ों को सुनहरा तलें: उबले हुए सूरन का पानी छान लें और टुकड़ों को अच्छी तरह सुखा लें। कड़ाही में सरसों का तेल गर्म करके इन्हें सुनहरा और कुरकुरा होने तक तलें। इसके बाद अलग निकाल लें।

3. मसालेदार ग्रेवी तैयार करें: उसी कड़ाही में बचे तेल में जीरा, तेजपत्ता, दालचीनी और सूखी लाल मिर्च डालकर तड़का लगाएं। अब प्याज डालकर सुनहरा होने तक भूनें। इसके बाद अदरक-लहसुन का पेस्ट डालकर करीब एक मिनट पकाएं।

4. मसालों को अच्छी तरह भूनें: प्याज के मिश्रण में टमाटर की प्यूरी, हल्दी, धनिया पाउडर और कश्मीरी लाल मिर्च डालें। मसाले को तब तक पकाएं, जब तक तेल अलग न दिखने लगे।

5. सूरन डालकर पकाएं: अब तले हुए सूरन के टुकड़े मसाले में मिलाएं। इसमें करीब डेढ़ कप गुनगुना पानी और स्वादानुसार नमक डालें। कड़ाही को ढककर धीमी आंच पर 8-10 मिनट पकाएं।

6. आखिर में मिलाएं खटास: सब्जी तैयार होने पर गरम मसाला और अमचूर पाउडर मिलाएं। हरे धनिए से सजाकर गर्मागर्म पूरियों या चावल के साथ परोसें।

अधपका सूरन खाने से बचें

सूरन बनाते समय सबसे जरूरी बात है कि इसे अच्छी तरह पकाया जाए। इसमें मौजूद कैल्शियम ऑक्सलेट के कारण अधपका सूरन मुंह और गले में जलन या खुजली पैदा कर सकता है। इसलिए इसे उबालने और फिर मसालों के साथ अच्छी तरह पकाने की प्रक्रिया को नजरअंदाज न करें।

Rverma
लेखक / पत्रकार:

Rverma

विशेष संवाददाता (Special Correspondent)

वरिष्ठ न्यूज़ रिपोर्टर, The Rural Press

The Rural Press के लिए निष्पक्ष और निर्भीक रिपोर्टिंग।

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