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Simhastha Ujjain: सीएम मोहन यादव ने खुद अपने पैतृक घर पर क्यों चलाई गैंती? भावुक होकर बोले- “जिस घर में बचपन बीता, उसे तोड़ना आसान नहीं”

Simhastha Ujjain: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के बीच एक अनूठी और अनुकरणीय मिसाल पेश की है। उज्जैन में विकास कार्यों और सड़क चौड़ीकरण के दायरे में आ रहे अपने पैतृक मकान को मुख्यमंत्री ने खुद गैंती चलाकर तोड़ा। अपने जन्मस्थान और बचपन की यादों से जुड़े इस घर […]

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव उज्जैन में अपने पैतृक मकान पर खुद गैंती चलाते हुए।
तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य

Simhastha Ujjain: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के बीच एक अनूठी और अनुकरणीय मिसाल पेश की है। उज्जैन में विकास कार्यों और सड़क चौड़ीकरण के दायरे में आ रहे अपने पैतृक मकान को मुख्यमंत्री ने खुद गैंती चलाकर तोड़ा।

अपने जन्मस्थान और बचपन की यादों से जुड़े इस घर को गिराते समय मुख्यमंत्री थोड़े भावुक नजर आए, लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक हित और विकास कार्यों के लिए व्यक्तिगत संपत्ति का त्याग करना जरूरी है।

छोटे से बड़े हुए और खेले-कूदे

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस दौरान अपने दिल की बात साझा करते हुए कहा कि जिस घर में उन्होंने जन्म लिया, छोटे से बड़े हुए और खेले-कूदे, उसे तोड़ना पड़े तो मन पर उसका असर होना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि दशकों पुरानी पारिवारिक यादों से जुड़े इस घर के प्रभावित होने का दुख है, लेकिन अगर यह सिंहस्थ महापर्व और शहर के विकास के लिए जरूरी है, तो यह बलिदान देना हर नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने सराहा कि पूरा देश देख रहा है कि उज्जैन के आम नागरिक भी दूसरों की सुविधा के लिए खुद आगे आकर अपने मकान पीछे हटा रहे हैं।

सार्वजनिक हित को दी सर्वोच्च प्राथमिकता

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब वे पहली बार कॉलेज चुनाव जीतकर आए थे, तभी से उनके सामने यह बात रही कि आने वाले समय को ध्यान में रखते हुए अपने आचरण से उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को प्रेरणा स्रोत बताते हुए कहा कि वे व्यक्तिगत हितों से परे रहकर सुशासन और नियमों को प्राथमिकता देते हैं। उज्जैन की जनता ने भी बिना किसी भेदभाव के हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई और पारसी समुदायों से ऊपर उठकर अपने मकान और देवस्थान पीछे हटाए हैं, जो अपने आप में एक बड़ा सामाजिक आदर्श है।

730 मीटर लंबे मार्ग के चौड़ीकरण के लिए हो रहा है बदलाव

यह पूरा प्रशासनिक कदम उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण और यातायात को सुगम बनाने की परियोजना का हिस्सा है। खजूर वाली मस्जिद से अब्दालपुरा, जीवाजीगंज थाना होते हुए गणेश चौक तक करीब 730 मीटर लंबे मार्ग को 15 मीटर तक चौड़ा किया जाना है। इस महत्वपूर्ण मार्ग के विकास और चौड़ीकरण के लिए राज्य शासन द्वारा लगभग 9.80 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है, जिससे सिंहस्थ के दौरान आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को यातायात में कोई असुविधा न हो।

सिंहस्थ महापर्व के दौरान 40 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान

उज्जैन की आबादी करीब 8 लाख है, लेकिन सिंहस्थ महापर्व के दौरान यहां लगभग 40 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान रहता है। इतनी भारी भीड़ और यातायात के दबाव को संभालने के लिए शहर की अधोसंरचना (इन्फ्रास्ट्रक्चर) को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकसित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री के पैतृक मकान का इस दायरे में आना और खुद उनके द्वारा इसकी शुरुआत करना यह साबित करता है कि सरकार जनता के साथ मिलकर विकास कार्यों को पूरी पारदर्शिता और निष्ठा के साथ आगे बढ़ा रही है।

मुख्य तथ्य

  • मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के तहत उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण और विकास कार्यों के लिए अपने पैतृक घर का हिस्सा खुद गैंती चलाकर तोड़ा है।
  • यह सड़क चौड़ीकरण परियोजना उज्जैन में खजूर वाली मस्जिद से अब्दालपुरा, जीवाजीगंज थाना होते हुए गणेश चौक तक लगभग 730 मीटर लंबे मार्ग पर चलाई जा रही है।
  • राज्य शासन की ओर से इस मार्ग के चौड़ीकरण और विकास कार्यों के लिए लगभग 9.80 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है।
  • सिंहस्थ महापर्व के दौरान उज्जैन में लगभग 40 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है, जिसके मद्देनजर शहर में बड़े स्तर पर तैयारियां चल रही हैं।
  • मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना प्रेरणा स्रोत बताया, जो व्यक्तिगत हितों से ऊपर उठकर राष्ट्र और समाज हित को प्राथमिकता देते हैं।

Shravan Sharma
लेखक / पत्रकार:

Shravan Sharma

विशेष संवाददाता (Special Correspondent)

वरिष्ठ न्यूज़ रिपोर्टर, The Rural Press

The Rural Press के लिए निष्पक्ष और निर्भीक रिपोर्टिंग।

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