Deaths of Baiga children: बालाघाट जिले के बिरसा विकासखंड के आदिवासी क्षेत्र में बैगा जनजाति के बच्चों की लगातार मौतों ने हिला दिया है। सरकारी रिकॉर्ड में 8 बच्चों की मौत खसरा-मलेरिया से बताई गई है, लेकिन स्थानीय स्तर पर 24 से 29 बच्चों की मौत की जानकारी सामने आ रही है। मई में 2 बच्चों की मौत से शुरू हुआ सिलसिला जून-जुलाई में बढ़ता गया। मलेरिया, खसरा, कुपोषण और दूषित पानी को प्रमुख वजह माना जा रहा है।
ICMR रिपोर्ट ने खोली पोल – मीजल्स की पुष्टि
शुरुआत में मौतों के कारणों पर सस्पेंस था, लेकिन ICMR की जांच रिपोर्ट ने पुष्टि कर दी कि बच्चों में मीजल्स (खसरा) था। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही उजागर हो गई। टीकाकरण का कवरेज पिछले 2-3 सालों में सिर्फ 60-70% ही रहा, जो बैगा बहुल इलाकों में और भी कम था।

- डिप्टी CM राजेंद्र शुक्ल पहुंचे प्रभावित गांव
सरकार का बड़ा एक्शन – दो अधिकारी हटाए, CMHO बदले
प्रभारी मंत्री कुंवर विजय शाह के दौरे और डिप्टी CM राजेंद्र शुक्ल के बिरसा के ग्राम मछुरदा पहुंचने के बाद सरकार ने सख्त एक्शन लिया:
- जिला टीकाकरण अधिकारी को पद से हटाया गया, उनकी जगह डॉ. पारितोष शुक्ला को जिम्मेदारी दी गई।
- जिला मलेरिया अधिकारी मनीषा जुनेजा का तबादला जबलपुर कर दिया गया।
- CMHO डॉ. परेश उपलव को हटाते हुए डिंडौरी के डॉ. मनोज पांडेय को बालाघाट की जिम्मेदारी दी गई।

- CMHO डॉ. परेश उपलव को हटाया गया
डिप्टी CM ने साफ कहा – “किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं, जांच में दोषी पर कार्रवाई होगी।”
डिप्टी CM पीड़ित परिवारों से मिले
उप मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल ग्राम मछुरदा पहुंचे। उन्होंने बैगा परिवारों से सामाजिक स्थिति, स्वास्थ्य समस्या और बच्चों की स्थिति पर बात की। सरकार की ओर से हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।

38 गांवों में विशेष अभियान
- 38 गांवों में मलेरिया से बचाव के लिए दवा छिड़काव।
- घर-घर सर्वे और बीमार लोगों की जांच-उपचार।
- विशेष टीकाकरण अभियान।
- बैगा परिवारों में स्वास्थ्य जागरूकता अभियान।
सवाल जो अब भी बाकी हैं
मई में ही शुरुआती मौतों के बाद विभाग ने बड़े स्तर पर रोकथाम क्यों नहीं की? टीकाकरण 100% क्यों नहीं हो पाया? ये सवाल अभी भी जवाब मांग रहे हैं।
FAQ: बालाघाट में बैगा बच्चों की मौत
सवाल 1. बालाघाट में बच्चों की मौत का पूरा मामला क्या है?
जवाब: बालाघाट के बिरसा ब्लॉक में बैगा जनजाति के बच्चों की खसरा, मलेरिया और कुपोषण से मौत का मामला है। सरकार 8 मौत मान रही है, लेकिन स्थानीय स्तर पर 24 से 29 बच्चों की मौत की बात सामने आई है।
सवाल 2. मौत की असली वजह क्या निकली?
जवाब: ICMR की रिपोर्ट में मीजल्स (खसरा) की पुष्टि हुई है। साथ ही मलेरिया, दूषित पानी और कुपोषण भी कारण है। टीकाकरण सिर्फ 60-70% होने से बच्चे असुरक्षित थे।
सवाल 3. सरकार ने किस-किस अधिकारी को हटाया है?
जवाब: जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. परेश उपलव को हटाकर डॉ. पारितोष शुक्ला को नया DIO बनाया गया है। जिला मलेरिया अधिकारी मनीषा जुनेजा का तबादला बालाघाट से जबलपुर कर दिया गया है। CMHO के तौर पर डॉ. मनोज पांडेय को बालाघाट की जिम्मेदारी दी गई है।
सवाल 4. डिप्टी CM राजेंद्र शुक्ल ने क्या किया?
जवाब: 22 अगस्त को वे ग्राम मछुरदा पहुंचे, पीड़ित बैगा परिवारों से मिले, उनकी सामाजिक और स्वास्थ्य समस्याएं सुनीं और हरसंभव मदद का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सवाल 5. अब इलाके में क्या कार्रवाई हो रही है?
जवाब: बिरसा के 38 गांवों में मलेरिया से बचाव के लिए दवा छिड़काव, घर-घर सर्वे, जांच-उपचार और विशेष टीकाकरण अभियान चल रहा है। बैगा परिवारों को जागरूक करने के लिए विशेष अभियान भी शुरू किया गया है।


