Official administrative and emergency response vehicles outside Banda Civil Hospital in Sagar
Official administrative and emergency response vehicles outside Banda Civil Hospital in Sagar

Sagar Poisonous Liquor Tragedy: मध्यप्रदेश के सागर जिले स्थित बंडा और शाहगढ़ विकासखंडों के गांवों में जहरीली शराब पीने से करीब 28 लोगों की मौत हो चुकी है, हालांकि प्रशासन ने अब तक 24 मौतों की ही आधिकारिक पुष्टि की है। घटना के बाद अस्पतालों में मरीजों का इलाज जारी है, वहीं पुलिस और प्रशासन ने अवैध शराब के नेटवर्क को खत्म करने के लिए तीन स्तरीय रणनीति पर काम शुरू कर दिया है।

इस प्रशासनिक पहल के साथ ही मामले पर राजनीतिक बयानबाजी भी उफान पर है। कांग्रेस ने राज्य सरकार पर मौतों के वास्तविक आंकड़े छिपाने और फॉरेंसिक जांच को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं।

प्रशासन की तीन-स्तरीय कार्रवाई और अस्पताल का हाल

अवैध शराब के नेटवर्क को ध्वस्त करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने के लिए प्रशासन ने तीन स्तरों पर कार्रवाई शुरू की है। इसके तहत प्रभावित इलाकों में घर-घर सर्वे, चौपालों का आयोजन और कड़ी कानूनी कार्रवाई शामिल है। राहत की बात यह है कि बंडा सिविल अस्पताल में शराब सेवन से प्रभावित मरीजों के आने का सिलसिला अब धीरे-धीरे थमने लगा है, हालांकि कई मरीज अब भी इलाज करा रहे हैं।

विसरा जांच की निष्पक्षता पर कांग्रेस ने उठाए सवाल

मामले को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी सागर ग्रामीण के अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह मोहासा ने सरकार और प्रशासन की मंशा पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार जहरीली शराब से हुई मौतों के असली आंकड़े सार्वजनिक नहीं कर रही है और प्रशासनिक दावों व जमीनी हकीकत में बड़ा अंतर है। उन्होंने पोस्टमार्टम और शव सौंपने में हुई देरी का जिक्र करते हुए मांग की कि सभी मृतकों के विसरा की फॉरेंसिक जांच भोपाल की स्वतंत्र लैब से कराई जाए ताकि जांच की निष्पक्षता बनी रहे।

‘मध्यप्रदेश में शासन नाम की चीज नहीं’ – राहुल गांधी

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर पोस्ट कर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने लिखा कि भारत की सबसे भ्रष्ट सरकार वाले राज्य मध्यप्रदेश में शासन नाम की कोई चीज नहीं बची है। राहुल गांधी के अनुसार राज्य में दवा, शराब और पानी सब जहरीला हो चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि हादसे के बाद नए कानून बनते हैं लेकिन उन्हें ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है। उन्होंने अंदेशा जताया कि हर बार की तरह इस बार भी कुछ गिरफ्तारियां, निलंबन और जांच के आदेश होंगे, क्योंकि यह पहली बार नहीं हुआ है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)


सागर जिले के किन विकासखंडों में जहरीली शराब का मामला सामने आया है?

यह घटना सागर जिले के बंडा और शाहगढ़ विकासखंडों के गांवों में हुई है।

प्रशासन ने जहरीली शराब कांड में कितनी मौतों की पुष्टि की है?

स्थानीय स्तर पर करीब 28 मौतों का दावा किया जा रहा है, लेकिन प्रशासन ने आधिकारिक तौर पर 24 मौतों की पुष्टि की है।

अवैध शराब के नेटवर्क को खत्म करने के लिए प्रशासन ने क्या कदम उठाए हैं?

प्रशासन ने तीन स्तर पर कार्रवाई शुरू की है, जिसमें घर-घर सर्वे, चौपाल और सख्त कानूनी कार्रवाई शामिल है।

कांग्रेस ने मृतकों के विसरा जांच को लेकर क्या मांग की है?

कांग्रेस ने मांग की है कि सभी मृतकों के विसरा की जांच भोपाल की स्वतंत्र फॉरेंसिक लैब से कराई जाए ताकि जांच निष्पक्ष रहे।

राहुल गांधी ने इस घटना पर क्या प्रतिक्रिया दी है?

राहुल गांधी ने राज्य सरकार को भ्रष्ट बताते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में दवा, पानी और शराब सब जहरीला हो चुका है तथा नियम-कानून केवल अगले हादसे तक ही बनाए जाते हैं।