Lokayukta team investigating official property documents and financial records in MP corruption case.
Lokayukta team examining official property papers and bank documents during the investigation.

Shivram Semil Lokayukta Raid: मध्य प्रदेश पश्चिम क्षेत्र बिजली वितरण कंपनी के एडिशनल चीफ इंजीनियर शिवराम सेमिल के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले में लोकायुक्त की जांच तेज हो गई है। 33 साल की सरकारी सेवा के दौरान गलत तरीकों से करोड़ों की संपत्ति बनाने के आरोप में अफसर के ठिकानों पर की गई कार्रवाई में अब तक 17.12 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति का खुलासा हो चुका है।

लोकायुक्त जांच दल को सेमिल और उनके परिवार के नाम पर कुल 25 बैंक खातों की जानकारी मिली है। ये खाते भारतीय स्टेट बैंक और आईडीबीआई बैंक में सेमिल, उनकी पत्नी रामबेटी, बेटे सौरभ और बहू सुनीता के नाम पर हैं। इसके अलावा परिवार से जुड़ी कंपनियों शुभम इलेक्ट्रिकल और कॉर्निश पावरजोन के 6 खातों में 62.89 लाख रुपये जमा पाए गए हैं। मुरैना में 50 लाख रुपये का मकान, भूखंड और सवा बीघा खेती की जमीन के दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं।

छापे में खुली परतें और प्रमोशन के बाद कार्रवाई

शिवराम सेमिल को हाल ही में प्रमोशन देकर एडिशनल चीफ इंजीनियर बनाया गया था। पदोन्नति मिलने के ठीक एक हफ्ते बाद लोकायुक्त पुलिस ने इंदौर, पीथमपुर, धार और मुरैना समेत उनके 9 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की थी। पहले दौर की जांच में 14.54 करोड़ रुपये की संपत्ति मिली थी, लेकिन बैंक खातों और संपत्तियों के नए दस्तावेज मिलने के बाद यह आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है।

बैंक खाते फ्रीज और वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र

लोकायुक्त पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सेमिल और उनके परिवार के सभी बैंक खातों को फ्रीज करा दिया है। लोकायुक्त कार्यालय ने ऊर्जा विभाग और बिजली कंपनी को पत्र भेजकर आरोपी अधिकारी को वर्तमान पद से तुरंत हटाने की सिफारिश की है। इसके साथ ही सेमिल परिवार के आयकर रिटर्न की जांच के लिए आयकर विभाग को और शेयर बाजार में निवेश की जानकारी जुटाने के लिए सेबी को पत्र लिखा गया है।

विभाग पर असर और जांच की आगे की दिशा

बिजली विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी पर इस तरह की बड़ी कार्रवाई से पूरे प्रशासनिक महकमे और ऊर्जा विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार रोकने के लिए इस कार्रवाई को काफी अहम माना जा रहा है। जांच में आयकर विभाग और सेबी से जानकारी मिलने के बाद इस संपत्ति का आंकड़ा और ज्यादा बढ़ने की पूरी संभावना जताई जा रही है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

  1. शिवराम सेमिल कौन हैं और उन पर क्या आरोप है?

शिवराम सेमिल मध्य प्रदेश पश्चिम क्षेत्र बिजली वितरण कंपनी में एडिशनल चीफ इंजीनियर हैं और उन पर आय से अधिक बेनामी संपत्ति बनाने का आरोप है।

  1. लोकायुक्त की जांच में अब तक कुल कितनी संपत्ति मिली है?

लोकायुक्त की जांच में अब तक सेमिल और उनके परिवार की 17.12 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति का पता चला है।

  1. सेमिल के पास से किन शहरों में संपत्तियां मिली हैं?

जांच अधिकारियों को इंदौर, पीथमपुर, धार और मुरैना में मकान, प्लॉट, कृषि भूमि और बैंक खातों की जानकारी मिली है।

  1. क्या लोकायुक्त ने आरोपी अधिकारी के बैंक खाते फ्रीज किए हैं?

हां, लोकायुक्त पुलिस ने सेमिल, उनके परिवार और उनसे जुड़ी कंपनियों के सभी 25 बैंक खातों को फ्रीज करा दिया है।

  1. लोकायुक्त ने ऊर्जा विभाग से क्या मांग की है?

लोकायुक्त ने निष्पक्ष जांच के लिए ऊर्जा विभाग और बिजली कंपनी को पत्र लिखकर सेमिल को वर्तमान पद से हटाने की सिफारिश की है।