शुक्रवार, 16 अक्तूबर 2026 शुक्र, 16 अक्तू॰ |
संस्करण:
ब्रेकिंग न्यूज़
Madhya Pradesh

Twisha Sharma Case: ट्विशा शर्मा केस में SC का बड़ा आदेश, ट्रायल पर रोक; जमानत पर क्या होगा?

Twisha Sharma Case: ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने ट्रायल पर रोक लगा दी है और नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट को पूर्व जज गिरिबाला सिंह की जमानत याचिका पर दो सप्ताह के भीतर फैसला लेने के निर्देश दिए हैं। हालांकि, शुक्रवार 16 अक्टूबर को जबलपुर हाईकोर्ट […]

Twisha Sharma Case
तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य

Twisha Sharma Case: ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने ट्रायल पर रोक लगा दी है और नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट को पूर्व जज गिरिबाला सिंह की जमानत याचिका पर दो सप्ताह के भीतर फैसला लेने के निर्देश दिए हैं।

हालांकि, शुक्रवार 16 अक्टूबर को जबलपुर हाईकोर्ट में सुप्रीम कोर्ट का लिखित आदेश अपलोड नहीं होने के कारण सुनवाई टल गई। अब मामले की अगली सुनवाई 26 अक्टूबर को सुबह 10:30 बजे होगी।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के इंतजार में टली सुनवाई

शुक्रवार को गिरिबाला सिंह की जमानत याचिका पर सुनवाई जस्टिस अजय कुमार निरंकारी की सिंगल बेंच में हुई। इस दौरान दोनों पक्षों के वकीलों ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश की जानकारी हाईकोर्ट को दी। कोर्ट को बताया गया कि ट्विशा शर्मा के पिता नवनिधि शर्मा ने मामले को सुप्रीम कोर्ट में ट्रांसफर करने के लिए याचिका दायर की है। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को इस याचिका पर सुनवाई करते हुए ट्रायल पर रोक लगाने का आदेश दिया। वकीलों ने हाईकोर्ट को यह भी बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने गिरिबाला सिंह की जमानत याचिका पर सुनवाई करने और दो सप्ताह के भीतर फैसला लेने के निर्देश दिए हैं। दोनों पक्षों ने उसी दिन बहस करने की तैयारी भी जताई। हालांकि, लिखित आदेश उपलब्ध नहीं होने के कारण हाईकोर्ट ने पहले उसे पढ़ना जरूरी समझा। इसी वजह से सुनवाई आगे बढ़ा दी गई। अगली तारीख 26 अक्टूबर तय की गई है।

ट्रायल पर रोक का मतलब जमानत मिलना नहीं

सुप्रीम कोर्ट के आदेश से भोपाल कोर्ट में चल रहे ट्रायल पर रोक लगी है। लेकिन इससे गिरिबाला सिंह को जमानत नहीं मिली है। उनकी जमानत याचिका पर फैसला हाईकोर्ट को करना है। सुप्रीम कोर्ट ने जमानत के मुद्दे पर हाईकोर्ट में सुनवाई की अनुमति दी है और दो सप्ताह में निर्णय लेने के निर्देश दिए हैं। इसलिए ट्रायल पर रोक और जमानत याचिका की सुनवाई अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं। अब हाईकोर्ट में अगली सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट के लिखित आदेश को ध्यान में रखकर आगे की कार्यवाही होगी।

नवनिधि शर्मा की याचिका में CBI समेत तीन प्रतिवादी

ट्विशा शर्मा के पिता नवनिधि शर्मा ने सुप्रीम कोर्ट में ट्रांसफर पिटीशन दायर की है। इसमें CBI, गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह को प्रतिवादी बनाया गया है। याचिका डायरी नंबर 58446/2026 से दर्ज हुई है। सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की डिविजन बेंच ने की। लिखित आदेश सामने आने के बाद हाईकोर्ट में आगे की कार्यवाही उसके निर्देशों के अनुसार होगी।

क्या है ट्विशा शर्मा केस?

ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में पूर्व जज गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह के खिलाफ जांच चल रही है। CBI ने मामले में आत्महत्या के लिए उकसाने से जुड़ी धारा 108 जोड़ी है। गिरिबाला सिंह की जमानत याचिका पर पहले भी कई बार सुनवाई टल चुकी है। पिछली सुनवाई के दौरान जमानत आवेदन में धारा 108 को लेकर संशोधन का मुद्दा उठा था। CBI ने आवेदन में दहेज हत्या की धारा 80(2) हटने के दावे पर आपत्ति जताई थी। एजेंसी का कहना था कि जांच अभी पूरी नहीं हुई है। CBI के मुताबिक, आरोपियों के मोबाइल डेटा और CCTV के DVR की जांच रिपोर्ट भी लंबित थी। अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद ट्रायल पर लगी रोक और गिरिबाला सिंह की जमानत याचिका पर सुनवाई को लेकर आगे की प्रक्रिया स्पष्ट होगी। फिलहाल जमानत पर हाईकोर्ट का फैसला आना बाकी है।

Deeksha Mishra
लेखक / पत्रकार:

Deeksha Mishra

विशेष संवाददाता (Special Correspondent)

वरिष्ठ न्यूज़ रिपोर्टर, The Rural Press

The Rural Press के लिए निष्पक्ष और निर्भीक रिपोर्टिंग।

विज्ञापन