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Mahadev Betting App Case: 1.5 करोड़ लौटाकर क्या बच जाएंगी शेफाली बग्गा? एक्सपर्ट से जानिए PMLA कानून क्या कहता है 

रायपुर। महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप घोटाले में एक बार फिर बॉलीवुड-टीवी गलियारे की हलचल तेज हो गई है। बिग बॉस फेम और स्पोर्ट्स एंकर शेफाली बग्गा ने प्रवर्तन निदेशालय के सामने 1.5 करोड़ रुपए सरेंडर कर दिए हैं। ये वही रकम है जो उन्हें महादेव ऐप के प्रमोशनल वीडियोज बनाने के एवज में मिली थी। […]

Mahadev Betting App Case: 1.5 करोड़ लौटाकर क्या बच जाएंगी शेफाली बग्गा? एक्सपर्ट से जानिए PMLA कानून क्या कहता है 
तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य

रायपुर। महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप घोटाले में एक बार फिर बॉलीवुड-टीवी गलियारे की हलचल तेज हो गई है। बिग बॉस फेम और स्पोर्ट्स एंकर शेफाली बग्गा ने प्रवर्तन निदेशालय के सामने 1.5 करोड़ रुपए सरेंडर कर दिए हैं। ये वही रकम है जो उन्हें महादेव ऐप के प्रमोशनल वीडियोज बनाने के एवज में मिली थी।

ईडी की चार्जशीट के मुताबिक, दिल्ली स्थित शेफाली के घर पर हुई सर्च में एजेंसी ने 30 लाख रुपए नकद जब्त किए थे। पूछताछ में सामने आया कि उन्हें महादेव सिंडिकेट के लिए प्रचार वीडियो बनाने के लिए कुल 1.5 करोड़ का भुगतान किया गया था। बाद में शेफाली ने 1.20 करोड़ रुपए ED को जमा कर दिए और दावा किया कि बाकी रकम पहले ही जांच के दौरान जब्त हो चुकी थी।

शेफाली ने दी ये सफाई

शेफाली का पक्ष है कि उन्होंने अनजाने में ये प्रमोशन किया था। उनका कहना है – “मेरा काम सिर्फ सोशल मीडिया पर ब्रांड प्रमोट करने तक सीमित था, जैसे कई सेलिब्रिटी करते हैं। मुझे नहीं पता था कि ऐप अवैध तरीके से चल रहा है। मैंने जांच में पूरा सहयोग किया है।”

तो क्या पैसा लौटाने से सजा माफ हो जाएगी?

यही सबसे बड़ा सवाल है। रायपुर कोर्ट में दाखिल चार्जशीट के बाद चर्चा है कि पैसा लौटाने से मामला खत्म हो जाएगा। लेकिन कानूनी जानकार ऐसा नहीं मानते।

एक्सपर्ट की राय:

1. PMLA धारा 4 में सख्त सजा: अगर कोर्ट में मनी लॉन्ड्रिंग साबित होती है तो 3 साल से 7 साल तक की कठोर कैद और जुर्माना हो सकता है। गंभीर मामलों में सजा 10 साल तक जा सकती है। इस धारा में पैसा लौटाने पर सजा माफी का कोई प्रावधान नहीं है।

2. पैसा लौटाने का फायदा क्या? कानून में पैसा वापस करना ‘सहयोग’ माना जाता है। इससे सीधे बरी नहीं होते, लेकिन दो फायदे मिल सकते हैं – जमानत मिलने में आसानी और कोर्ट द्वारा सजा तय करते वक्त नरमी। जज ये देखता है कि आरोपी ने संपत्ति छिपाई या नहीं, जांच में मदद की या नहीं।

3. क्या जेल नहीं जाना पड़ेगा? एक्सपर्ट्स के मुताबिक, सिर्फ रकम लौटा देना अग्रिम जमानत की गारंटी नहीं है। अगर ED जमानत का विरोध करे तो कोर्ट इनकार कर सकती है। लेकिन अगर आरोपी ने पूरा सहयोग किया है तो कई मामलों में ED विरोध नहीं करती। अंतिम फैसला कोर्ट ही तथ्यों, सबूतों और भूमिका के आधार पर लेता है।

फिलहाल ईडी ने शेफाली का बयान दर्ज कर चार्जशीट कोर्ट को भेज दी है। आगे की सुनवाई में तय होगा कि उनका ‘अनजाने में प्रमोशन’ वाला तर्क कोर्ट मानता है या नहीं।

FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल 

Q1. शेफाली बग्गा ने ED को कितने पैसे लौटाए?

Ans. 1.5 करोड़ रुपए, जो उन्हें महादेव बेटिंग ऐप के प्रमोशनल वीडियो के लिए मिले थे, जिसमें से 30 लाख उनके घर से जब्त हुए थे और 1.20 करोड़ उन्होंने खुद जमा किए।

Q2. क्या पैसा लौटाने से PMLA केस खत्म हो जाता है?

Ans. नहीं, पैसा लौटाने से केस खत्म नहीं होता। यह सिर्फ जांच में सहयोग माना जाता है, जिससे जमानत और सजा में नरमी मिल सकती है, लेकिन बरी होने की गारंटी नहीं।

Q3. PMLA में कितनी सजा का प्रावधान है?

Ans. PMLA की धारा 4 के तहत 3 से 7 साल तक की कठोर कैद और 10 साल तक की सजा हो सकती है, साथ में जुर्माना भी।

Shami Imam
लेखक / पत्रकार:

Shami Imam

विशेष संवाददाता (Special Correspondent)

वरिष्ठ न्यूज़ रिपोर्टर, The Rural Press

The Rural Press के लिए निष्पक्ष और निर्भीक रिपोर्टिंग।

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