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टीआरपी डेस्क। दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया की मुसीबत कम होने का नाम नहीं ले रही है। इस पूरे मामले में सीबीआई ने आगे की कार्यवाही करते हुए FIR दर्ज कर ली है। इस पूरे मामले में मुख्य आरोपी भी मनीष सिसोदिया को बनाया गया है। कुल 15 लोगों के नाम सामने आए हैं, जिसमें टॉप पर सिसोदिया के नाम का जिक्र है।

बता दें कि उपमुख्यमंत्री के घर कई घंटों से जांच जारी है। सीबीआई को कुछ गोपनीय डॉक्यूमेंट हाथ लगे हैं। सीबीआई के अनुसार डॉक्यूमेंट किसी भी सरकारी अधिकारी के घर पर नहीं होने चाहिए।

जानें क्या है पूरा विवाद ?

मुख्य सचिव ने दो माह पहले ही अपनी रिपोर्ट सौंपी थी। इस रिपोर्ट में GNCTD एक्ट 1991, ट्रांजेक्शन ऑफ बिजनेस रूल्स 1993, दिल्ली एक्साइज एक्ट 2009 और दिल्ली एक्साइज रूल्स 2010 के नियमों का उल्लंघन पाया गया था। उपमुख्यमंत्री पर आरोप लगे हैं कि कोरोना के बहाने लाइसेंस देने में नियमों की अनदेखी की गई। टेंडर के बाद शराब ठेकेदारों के 144 करोड़ रुपए माफ किए गए।

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इन 15 लोगों के खिलाफ दर्ज हुआ है मामला

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।