नई दिल्ली। आर्थिक एवं सांख्यिकी निदेशालय की ओर से लोगों को बड़ी राहत दी गई है। अब बिना आधार पंजीकरण किए ही आप जन्म और मृत्यु पंजीकरण करा सकते हैं। इसके लिए आपको आधार नंबर देने की जरूरत नहीं है। इसके लिए डेटाबेस का इस्तेमाल किया जा सकता है।

जन्म और मृत्यु एक्ट 1969 के तहत यूजर को अब सिर्फ हां या नां में यह चुनना होगा कि वह आधार से सत्यापन कराना चाहते हैं या नहीं। हां की अनुमति देने पर संबंधित सभी जानकारी आधार के डेटा बेस से सत्यापित की जाएगी। केंद्र सरकार ने ऑफिस ऑफ रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया को इस बात की अनुमति दे दी है कि जब वह जन्म और मृत्यु का रिजस्ट्रेशन करें तो आधार से इसकी पुष्टि करें।

हालांकि इस रजिस्ट्रेशन के लिए आधार जरूरी नहीं है। 27 जून को इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंफोर्मेशन टेक्नोलॉजी मंत्रालय की ओर से गैजेट जारी करके इसकी जानकारी दी गई है। गैजेट में कहा गया है कि आरजीआई ऑफिस आधार के डेटाबेस का इस्तेमाल जन्म-मृत्यु के रजिस्ट्रेशन के दौरान कर सकता है।

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मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि राज्य और केंद्र शासित प्रदेश आधार का इस्तेमाल सत्यापन के लिए कर सकते हैं। इससे पहले 2002 में मंत्रालय की ओर से कहा गया था कि केंद्र सरकार बेहतर जीविका और पब्लिक फंड का गलत इस्तेमाल ना हो इसके लिए जनहित में आधार के जरिए सत्यापन की अनुमति दे सकता है।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।