AI Entry in Delhi HC: दिल्ली हाईकोर्ट में एआई की एंट्री हो चुकी है। अब हाईकोर्ट में जज जजमेंट देने के लिए एआई का इस्तेमाल किया जाएगा। दिल्ली हाईकोर्ट ने AI तकनीक को अपनाते हुए पहला पायलट हाइब्रिड कोर्ट रूम शुरू किया है। इस कोर्ट रूम में ‘स्पीच टू टेक्स्ट’ की सुविधा मिलेगी।

इस हाइब्रिड कोर्ट रूम का उद्घाटन चीफ जस्टिस मनमोहन, जस्टिस राजीव शखदर और जस्टिस सुरेश कुमार कैत ने किया है। राजीव शखदर ने इसका उद्घाटन करते हुए कहा कि जो काम जज पहले मैन्युअल तरीके से करते थे, अब उस काम को करने में मशीन सहायता करेगा, सचमुच मशीन एक वरदान है। उन्होंने आगे कहा कि अभी तक पीड़ितों द्वारा दिए गए सबूतों को जज अपनी भाषा में बदलते थे, लेकिन अब पीड़ित अपनी भाषा में गवाह पेश करेगा और यह जज के लिए उपलब्ध होगा।

राजीव शखदर ने आगे कहा कि एआई की मदद से किसी केस को निपटाने में समय की बचत होगी और हम अधिक से अधिक केस को जल्दी सुलझा सकेंगे। अदालत एआई ऐप के सह-संस्थापक उत्कर्ष श्रीवास्तव ने इसको लेकर कहा कि इस एआई ऐप को जल्दी से जल्दी केस निपटाने के लिए तैयार किया गया है, ताकि कोर्ट के बैकलॉग को घटाया जा सके।

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उन्होंने कहा कि कोर्ट दो तरह के होते हैं, पहला जहां स्टेनोग्राफर हैं, लेकिन यह काफी मुश्किल होता है कि रियल टाइम में कुछ टाइप किया जा सके। जहां स्टेनोग्राफर है उनके लिए एआई साथी बनेगा और जहां नहीं है, वहां खुद जज को हाथ से लिखना पड़ता था, लेकिन अब जज एआई का सहारा लेंगे।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।