नई दिल्ली। भारतीय वायुसेना का एएन-32 विमान असम के जोरहाट से अरुणाचल प्रदेश के लिए उड़ान भरने के बाद लापता हो गया है। विमान जोरहाट से दिन में 12.25 पर उड़ा था, आखिरी बार उससे दोपहर 1 बजे संपर्क हुआ था।

इसके बाद से ही उससे संपर्क नहीं हो पा रहा है। विमान में 8 क्रू मेंबर और 5 यात्री सवार हैं। विमान को खोजने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। फिलहाल, विमान से जुड़ी कोई भी जानकारी अभी तक सामने नहीं आई है।

3 साल पहले भी लापता हुआ था एएन-32 विमान :

2016 में चेन्नई से पोर्ट ब्लेयर जा रहा अठ-32 विमान लापता हो गया था। इसमें भारतीय वायुसेना के 12 जवान, 6 क्रू-मेंबर, 1 नौसैनिक, 1 सेना का जवान और एक ही परिवार के 8 सदस्य मौजूद थे। इसकी तलाश में 1 पनडुब्बी, 8 विमान और 13 पोत लगाए गए थे। इस विमान का लापता होना एक गुत्थी बन गया था। इसका न मलबा मिला था, न यात्री।

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जानिए एएन-32 विमान के बारे में :

अठ-32 का पूरा नाम एन्टोनोव -32 है। इस मिलिट्री ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट में 2 इंजन लगे होते हैं। यह विमान 55 डिग्री से भी अधिक के तापमान में ‘टेक आॅफ’ कर सकता है और 14, 800 फीट की ऊंचाई तक उड़ान भरने में सक्षम है। इस विमान में पायलट, को-पायलट, गनर, नेविगेटर और इंजीनियर सहित 5 क्रू-मेंबर होते हैं। इसमें अधिकतम 50 लोग सवार हो सकते हैं।

एएन-32 भारतीय वायुसेना के मध्यम श्रेणी के विमान सेवा के लिए रीढ़ की हड्डी है। भारतीय वायुसेना के बेड़े में इस वक्त करीब 100 एएन-32 विमान हैं जो मुख्य तौर पर ट्रांसपोर्ट के काम में लगे हैं।

दुनिया में करीब 240 विमान आपरेशनल हैं। इस वक्त भारतीय वायुसेना के अलावा श्रीलंका, अंगोला और यूक्रेन की वायुसेना के पास भी ये विमान अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

 

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।