Bastar Olympic 2026 Chhattisgarh

टीआरपी। Bastar Olympic : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में अपने संबोधन के दौरान बस्तर के बदलते स्वरूप और ‘बस्तर ओलंपिक’ की सफलता का विशेष उल्लेख किया है। उन्होंने कहा कि जो क्षेत्र कभी पिछड़ेपन और उपेक्षा के लिए जाना जाता था, आज वह देश के विकास की मुख्यधारा से जुड़कर अपनी नई पहचान बना रहा है।

विकास की नई इबारत: बस्तर का कायाकल्प

प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले जिन जिलों को ‘पनिशमेंट पोस्टिंग’ के लिए चुना जाता था, वहां अब युवा और होनहार अधिकारियों की तैनाती से सकारात्मक परिणाम आ रहे हैं। बस्तर के कई गांवों में पहली बार बस सेवा शुरू हुई है, जिसे ग्रामीणों ने उत्सव की तरह मनाया है। यह बदलाव बुनियादी सुविधाओं की पहुंच और प्रशासनिक सुधारों का नतीजा है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री के वक्तव्य पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बस्तर प्राकृतिक संपदा से समृद्ध है और अब यहां नक्सलवाद अंतिम सांसे ले रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन और गृह मंत्री अमित शाह के संकल्प से बस्तर अब भय की जगह संभावनाओं का केंद्र बन चुका है।

बस्तर ओलंपिक और पंडुम का उत्साह

मुख्यमंत्री ने आंकड़ों के साथ बताया कि बस्तर ओलंपिक के प्रति युवाओं में भारी उत्साह है। पिछले वर्ष जहां इसमें 1.65 करोड़ युवाओं ने भागीदारी की थी, वहीं इस वर्ष यह आंकड़ा बढ़कर 3.91 करोड़ तक पहुंच गया है।

साथ ही, आगामी 7 फरवरी को महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ‘बस्तर पंडुम’ का शुभारंभ करेंगी, जबकि 9 फरवरी को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इसके समापन समारोह में शामिल होंगे। यह आयोजन बस्तर की सांस्कृतिक और खेल क्षमता को प्रदर्शित करने का एक बड़ा मंच बन गया है।

रिपोर्टर श्रवण शर्मा 28 वर्षों से पत्रकारिता जगत में कार्यरत हैं। पूर्व में लगभग 7 वर्षो तक दिल्ली के प्रतिष्ठित अखबारों में पत्रकार के रूप में कार्य किया। इसके पश्चात विगत 21 वर्षों से छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कार्यरत हैं। दैनिक जागरण ग्रुप के नईदुनिया संस्थान में 17 वर्ष तक कार्य किया। वर्तमान में टीआरपी न्यूज में गत वर्ष से कार्य कर रहे हैं।
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