नई दिल्ली। निर्भया केस में राष्ट्रपति ने पवन की दया याचिका खारिज कर दिया है। अब तिहाड़ जेल में मुजरिमों की फांसी से पहले रूटीन तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। निर्भया की मां को भी पूरा यकीन है बेटी के गुनहगारों के जीवन में मंगलवार को आखिरी सूरज उगेगा।

वह कहती हैं कि कल फांसी होगी। मैं पूरी तरह आश्वस्त हूं। वहीं फांसी टालने के लिए चारों मुजरिमों के वकील ऐन मौके पर हर कानूनी और संवैधानिक दांवपेच आजमा रहे हैं।

निर्भया के दोषियों ने सोमवार को फांसी के लिए मुकर्रर तारीख से कुछ घंटे पहले सुप्रीम कोर्ट, पटियाला हाउस कोर्ट से लेकर राष्ट्रपति भवन तक हर कोशिश की। हालांकि आज निर्भया के दोषियों को अब तक दो बड़े झटके लगे हैं।

पवन की क्यूरेटिव याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की है, तो साथ ही पटियाला हाउस कोर्ट ने डेथ वॉरंट पर रोक लगाने की अक्षय और पवन की याचिका खारिज कर दी। उधर, राष्ट्रपति ने पवन की दया याचिका खारिज कर दी है।

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सबसे बड़ा सवाल, डेथ वॉरंट रुकेगा?

इन दो झटकों के बाद निर्भया के वकील एपी सिंह ने अब आखिरी दांव चला है। दोपहर में पवन की ओर से दया याचिका राष्ट्रपति के पास दी और इसके तुरंत बाद डेथ वॉरंट पर रोक लगाने के लिए पटियाला हाउस कोर्ट में अर्जी लगाई गई है, जहां फैसला सुरक्षित रख लिया गया है।

इस बीच, राष्ट्रपति ने दया याचिका खारिज कर दी है। निर्भया के माता-पिता ने दोषियों के वकील एपी सिंह के वकालतनामे पर सवाल उठाए हैं। निर्भया की मां कहती हैं, ‘पिछली बार डेथ वॉरंट जारी हुआ था, तो कहा था मैं पवन का वकील नहीं हूं। अगली सुनवाई में उनके पिता को भगा दिया गया, आज वकालतनामा पेश किया है कोर्ट में। इस खारिज किया जाना चाहिए।’

वह आगे कहती हैं कि वह जब तक लटकेंगे नहीं, तब तक फांसी टालने की कोशिश करेंगे। हम भी लड़ रहे हैं। हम भी यहीं रहेंगे। हम भी सुनेंगे। आखिरी दम तक लड़ेंगे। सात साल से लड़ रहे हैं। अब आखिरी दम तक लड़ेंगे।

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कोर्ट को हमारी बच्चियों, समाज को जवाब देना है। अपनी न्याय व्यवस्था को कायम रखना है। लोगों कि इससे जोड़ना है। कल उनको फांसी होगी। निर्भया के परिजनों की वकील कहती हैं, ‘वकील एपी सिंह ने कोर्ट को गुमराह किया है। वह कह रहे हैं कि मैं पवन का वकील हूं। जबकि उन्होंने वकालतनामा दाखिल नहीं किया है। कहीं न कहीं यह कोर्ट को गुमराह किया जा रहा है।

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