किश्तवाड़। जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले 14 अगस्त को अचानक आई इस आपदा ने श्रद्धालुओं व गांववालों की जिंदगी तबाह कर दी। उत्तराखंड के धाराली में हुई तबाही के जख्म अभी तक भरे नहीं थे। इधर, जम्मू के किश्तवाड़ में आई भयानक तबाही ने देश को झकझोर कर रख दिया। अब तक 56 लोगों की मौत हो चुकी हैं। 200 से ज्यादा लोग लापता हैं। हर तरफ तबाही के निशान दिख रहे हैं। घर, बिल्डिंग ताश के पत्तों के जैसे पानी के बहाव में गए। बिजली गुल हैं। रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है। सेना, NDRF समेत अन्य कंपनियां के द्वारा बचाव अभियान चलाया जा रहा है।।

क्या हुआ?

बादल फटने के (Cloudburst) के कारण अचानक हुई भारी बारिश ने लंबोरूपी बाढ़ और भूस्खलन पैदा कर दिए, जिससे कम से कम 56 लोगों की मौत हो गई और 200 से ज्यादा लोग लापता बताए जा रहे हैं। यह घटना Machail Mata यात्रा मार्ग पर स्थित Chositi गांव में हुई, जहाँ श्रद्धालुओं के लिए लंगर लगाया गया था और बहुसंख्यक यात्री वहीं मौजूद थे

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घटना की भयावहता

एक-एक कर कई शेड्स, लंगर स्थल, सुरक्षा चौकी, साथ ही कई वाहन और घर मलबे में दब गए
आसपास के हिल स्टेशन और पर्वतीय भवन भी क्षतिग्रस्त हुए, क्षति आकार और व्यापक थी।

क्या हैं प्रमुख कारण?

बादल फटना

यह घटना तब होती है जब एक छोटे से क्षेत्र में अचानक एक घंटे के भीतर 100 मिमी या उससे अधिक बारिश होती है, जिसके कारण तत्काल बाढ़ और धीरे-धीरे आसपास का इलाका तबाह हो जाता है

जलवायु परिवर्तन और अनियंत्रित विकास हिमालयी क्षेत्र में बढ़ती ग्लोबल हीटिंग और पहाड़ियों पर अनुचित निर्माण कार्य इसकी भारी संवेदनशीलता को बढ़ा रहे हैं।

पूर्वाभास में कठिनाई

मौसम विभाग से भारी वर्षा की सामान्य जानकारी मिल सकती है, लेकिन आखिर कब बादल फटेंगे, इसका सटीक पूर्वानुमान लगाना बेहद मुश्किल है।

राहत और बचाव कार्य

प्रशासन, NDRF, SDRF, सेना, वायुसेना, पुलिस और स्थानीय स्वयंसेवक बचाव अभियान में जुटे हैं।
300 से अधिक लोग बचाए जा चुके हैं, जिनमें से लगभग 50 की हालत गंभीर है । CM उमर अब्दुल्ला ने स्वतंत्रता दिवस समारोह रद्द कर दिया और मुख्यमंत्री कार्यक्रमों में शामिल नहीं हुए।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।