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Diwali 2026: कहीं सुबह 4 बजे स्नान तो कहीं पूर्वजों को याद; जानिए छत्तीसगढ़ से कितनी अलग है अन्य राज्यों की दिवाली!

Different regional Diwali celebrations across India including oil lamps, rangoli, and traditional rituals.
तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य
खास बातें (Key Highlights)
  • Diwali Traditions in India: रोशनी का त्योहार दीपावली पूरे भारत में उत्साह और उल्लास के साथ मनाया जाता है।
  • इसे बुराई पर अच्छाई की जीत और अंधकार पर प्रकाश की विजय का प्रतीक माना जाता है।
  • हालांकि, देश के हर हिस्से में दिवाली का रंग एक जैसा नहीं होता।
  • उत्तर प्रदेश में भगवान श्रीराम की अयोध्या वापसी के उपलक्ष्य दीप जलाए जाते हैं, तो पंजाब में सिख समुदाय इस दिन को बंदी छोड़ दिवस के रूप में मनाता है।

Diwali Traditions in India: रोशनी का त्योहार दीपावली पूरे भारत में उत्साह और उल्लास के साथ मनाया जाता है। इसे बुराई पर अच्छाई की जीत और अंधकार पर प्रकाश की विजय का प्रतीक माना जाता है। हालांकि, देश के हर हिस्से में दिवाली का रंग एक जैसा नहीं होता।

उत्तर प्रदेश में भगवान श्रीराम की अयोध्या वापसी के उपलक्ष्य दीप जलाए जाते हैं, तो पंजाब में सिख समुदाय इस दिन को बंदी छोड़ दिवस के रूप में मनाता है। पश्चिम बंगाल में मां काली की पूजा होती है, जबकि दक्षिण भारत में नरकासुर वध से जुड़ी परंपराएं निभाई जाती हैं। आइए जानते हैं, देश के अलग-अलग राज्यों में दिवाली किस तरह मनाई जाती है।

उत्तर प्रदेश और दिल्ली: अयोध्या की दीपावली

उत्तर प्रदेश में दीपावली का संबंध भगवान श्रीराम के 14 वर्ष का वनवास पूरा कर अयोध्या लौटने से जुड़ा है। मान्यता है कि उनके स्वागत में अयोध्यावासियों ने दीप जलाए थे। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए अयोध्या में भव्य दीपोत्सव आयोजित किया जाता है, जहां लाखों दीये जलाए जाते हैं। इस दिन घरों में माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा होती है। लोग घरों को सजाते हैं, मिठाइयां बांटते हैं और एक-दूसरे को उपहार देकर त्योहार की खुशियां साझा करते हैं।

पंजाब: दीपावली के साथ मनाया जाता है बंदी छोड़ दिवस

पंजाब और सिख समुदाय के लिए दीपावली का दिन बंदी छोड़ दिवस के रूप में भी खास महत्व रखता है। इस दिन सिखों के छठे गुरु, गुरु हरगोबिंद सिंह जी ग्वालियर के किले से 52 राजाओं के साथ कैद से रिहा होकर अमृतसर लौटे थे। इस अवसर पर अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर को रोशनी से सजाया जाता है। श्रद्धालु दीपदान करते हैं और इस ऐतिहासिक दिन को उत्साह के साथ मनाते हैं।

पश्चिम बंगाल: दीपावली की रात होती है मां काली की पूजा

देश के कई हिस्सों में दीपावली पर माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है, लेकिन पश्चिम बंगाल में इस अवसर पर मां काली की आराधना का विशेष महत्व है। असम में भी काली पूजा की परंपरा है। इस रात जगह-जगह पंडाल सजाए जाते हैं और मां काली की प्रतिमाएं स्थापित की जाती हैं। श्रद्धालु पूजा-अर्चना कर उनका आशीर्वाद लेते हैं। इस तरह यहां दीपावली का उत्सव काली पूजा के साथ जुड़ा हुआ है।

तमिलनाडु और दक्षिण भारत: नरक चतुर्दशी की परंपरा

दक्षिण भारत के कई हिस्सों में दीपावली नरक चतुर्दशी के रूप में मनाई जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इसी दिन भगवान श्रीकृष्ण ने नरकासुर का वध किया था। इस अवसर पर लोग सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करते हैं और नए कपड़े पहनते हैं। घरों के बाहर कोलम यानी पारंपरिक रंगोली बनाई जाती है। इसके बाद पूजा-अर्चना होती है और घरों में तरह-तरह के पकवान तैयार किए जाते हैं।

महाराष्ट्र: वसुबारस पर गाय और बछड़े की पूजा

महाराष्ट्र में दीपावली से जुड़ी परंपराओं में वसुबारस का खास स्थान है। इस दिन विवाहित महिलाएं गाय और उसके बछड़े की पूजा करती हैं। इसे परिवार की सुख-समृद्धि से जुड़ी परंपरा माना जाता है। घरों के दरवाजों पर तोरण लगाए जाते हैं। रंगोली बनाई जाती है और पारंपरिक पकवान तैयार किए जाते हैं। त्योहार के दौरान घरों में उत्सव का माहौल रहता है।

गुजरात: दिवाली के साथ नए साल की शुरुआत

गुजरात में दीपावली का त्योहार नए साल के आगमन से भी जुड़ा है। इस मौके पर व्यापारी अपने बही-खातों की पूजा करते हैं, जिसे चोपड़ा पूजा कहा जाता है। माता लक्ष्मी के स्वागत के लिए घरों के बाहर रंगोली बनाई जाती है। कई घरों में मां के पदचिह्न भी बनाए जाते हैं। इसके साथ पारंपरिक पकवान तैयार कर त्योहार मनाया जाता है।

ओडिशा: पूर्वजों को याद करने की परंपरा

ओडिशा में दीपावली के अवसर पर बड़ बड़ुआ डाका की परंपरा निभाई जाती है। इस दिन लोग अपने पूर्वजों को याद करते हैं और उनका आशीर्वाद प्राप्त करने की कामना करते हैं। यहां दीपावली का यह पक्ष पूर्वजों के प्रति सम्मान और स्मरण से जुड़ा है।

बिहार: दिवाली पर बनाया जाता है घरौंदा

बिहार में दीपावली पर घरों को सजाने और पकवान बनाने के साथ घरौंदा तैयार करने की भी परंपरा है। घरौंदा मिट्टी या दूसरे सामान से बनाया गया छोटा-सा घर होता है। इसे परिवार में सुख और समृद्धि की कामना से बनाया जाता है।

Rverma
लेखक / पत्रकार:

Rverma

विशेष संवाददाता (Special Correspondent)

वरिष्ठ न्यूज़ रिपोर्टर, The Rural Press

The Rural Press के लिए निष्पक्ष और निर्भीक रिपोर्टिंग।

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