ई-सिगरेट की जमकर हो रही जमकर तस्करी, यहां करोड़ों रुपये की ई-सिगरेट हुई जब्त


नई दिल्ली। ई-सिगरेट के उपयोग और बिक्री पर भारत में प्रतिबंध है। इसके बावजूद नशेखोरी के लिए ई-सिगरेट की तस्करी जोरों से की जा रही है। नशाखोरी के खिलाफ कार्रवाई के लिए चलाए जा रहे अभियान में आज राजस्व खुफिया निदेशालय को 48 करोड़ रुपये की ई-सिगरेट जब्त करने में बड़ी कामयाबी मिली है।

एक अधिकारी ने कहा कि एक गुप्त सूचना पर कार्रवाई करते हुए कि मुंद्रा पोर्ट के माध्यम से ई-सिगरेट की तस्करी की जा रही थी । एक कंटेनर की पहचान की गई और उसे ट्रैक किया गया। मुंद्रा पोर्ट पहुंचने के बाद कंटेनर का निरीक्षण किया गया।

जांच से पता चला कि सामान को गलत तरीके से फर्श की सफाई करने वाले पोछे में छिपाकर ले जाया जा रहा था। कंटेनर की जांच के दौरान उसके अंदर के सभी कार्टन खोले गए थे। जिसमें पाया गया कि फर्श की सफाई करने वाले कुछ डिब्बों के अलावा, कई बक्से में हाथ की मालिश, राइटिंग पैड और सिलिकॉन पॉप-अप टॉयज भी थे।

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48 करोड़ का माल

आगे की खोज से पता चला कि 250 और कार्टन थे, जिनमें 2500 पफ वैरिएंट के ई-सिगरेट के 2 लाख पीस थे। जबकि एक कार्टन में 5000 पफ वैरिएंट के ई-सिगरेट के 400 पीस थे जो कि चीन में बने यूओटोआ ब्रांड के थे। कंटेनर में ई-सिगरेट और अन्य सभी सामान सीमा शुल्क अधिनियम के प्रावधानों के तहत जब्त किए गए थे। अधिकारी ने कहा कि जब्त ई-सिगरेट का बाजार मूल्य करीब 48 करोड़ रुपये होगा।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।