टीआरपी डेस्क। कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार अपने विवादित बयान को लेकर आलोचनाओं के घेरे में आ गए हैं। उन्होंने कहा कि अगर भगवान भी आ जाएं, तो बेंगलुरु को नहीं बदल सकते। उनके इस बयान ने सोशल मीडिया पर बवाल खड़ा कर दिया है, जहां लोग कांग्रेस सरकार को ट्रैफिक जाम, बुनियादी ढांचे की खस्ताहाल स्थिति और लंबित प्रोजेक्ट्स को लेकर आड़े हाथों ले रहे हैं।

डीके शिवकुमार हाल ही में एक रोड कंस्ट्रक्शन वर्कशॉप के उद्घाटन के दौरान बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि बेंगलुरु की ट्रैफिक समस्या और इन्फ्रास्ट्रक्चर के हालात रातोंरात नहीं सुधर सकते। उन्होंने आगे कहा, यह शहर अगले दो-तीन साल में नहीं बदल सकता, भगवान भी इसे नहीं बदल सकते। उनका कहना था कि केवल सही प्लानिंग और प्रभावी क्रियान्वयन से ही बदलाव संभव है।

ट्रैफिक से बेहाल बेंगलुरु

शहर में ट्रैफिक जाम और बुनियादी ढांचे की कमी एक गंभीर मुद्दा बना हुआ है। लोग लगातार मेट्रो विस्तार में हो रही देरी और सार्वजनिक परिवहन की खस्ता हालत को लेकर सरकार से जवाब मांग रहे हैं। आलोचकों का कहना है कि बड़ी-बड़ी घोषणाएं तो की जाती हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर सुधार बेहद धीमा है।

इकोनॉमिस्ट मोहनदास पाई ने भी इस पर प्रतिक्रिया दी और सरकार के कामकाज पर सवाल उठाए। उन्होंने लिखा, “शिवकुमार को मंत्री बने दो साल हो गए, हमने उम्मीद की थी कि वे एक प्रभावी नेता साबित होंगे, लेकिन हालात और बदतर हो गए हैं।”

BJP ने साधा निशाना

भाजपा ने इस बयान पर कांग्रेस सरकार को घेरा और कहा कि जो खुद को ब्रांड बेंगलुरु का निर्माता बताते थे, वे अब यह स्वीकार कर रहे हैं कि शहर को सुधारना असंभव है। पार्टी ने इसे सरकार की नाकामी करार दिया और कहा कि कांग्रेस अब बेंगलुरु की जनता को निराश कर रही है।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।