टीआरपी डेस्क। अप्रैल के महीने में जहां सूरज की तपिश पसीने छुड़ा देती थी, वहां आज उत्तर भारत के लोग रजाई ढूंढ रहे हैं। दिल्ली-NCR, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान समेत पूरे उत्तर भारत में मौसम ने ऐसी करवट ली है कि अधिकतम तापमान सामान्य से 8 से 15 डिग्री सेल्सियस तक नीचे गिर गया है। दिल्ली में जहाँ पारा 35 डिग्री होना चाहिए था, वहां आज 21 डिग्री के आसपास बना हुआ है। लोग हैरान हैं कि आखिर अप्रैल में फरवरी जैसा अहसास क्यों हो रहा है?

वेस्टर्न डिस्टर्बेंस और अरब सागर की जुगलबंदी


भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की 8 अप्रैल की रिपोर्ट के मुताबिक, इस ठंड के पीछे दो बड़े कारण हैं। मार्च और अप्रैल की शुरुआत में एक के बाद एक दो ताकतवर वेस्टर्न डिस्टर्बेंस (Western Disturbances) एक्टिव हुए हैं। 7 और 8 अप्रैल को इनका असर सबसे ज्यादा देखा गया। राजस्थान के ऊपर एक ‘साइक्लोनिक सर्कुलेशन’ बना हुआ है, जो अरब सागर की नम हवाओं को खींच रहा है। जब ठंडी हवा वाला वेस्टर्न डिस्टर्बेंस इस नमी से टकराता है, तो भारी बादल बनते हैं और ओलावृष्टि के साथ तापमान गिर जाता है।

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क्या कहती है नई रिसर्च? (Hunt et al. 2025)

दरअसल, यह सिर्फ एक इत्तेफाक नहीं है। हाल ही में Weather and Climate Dynamics जर्नल में प्रकाशित Hunt et al. (2025) के रिसर्च पेपर में बताया गया है कि आर्कटिक इलाके की बर्फ पिघलने से ‘जेट स्ट्रीम’ (ऊपरी हवाओं की पट्टी) अब लहरदार हो गई है। वैज्ञानिकों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन की वजह से वेस्टर्न डिस्टर्बेंस अब सर्दियों के बजाय वसंत ऋतु (मार्च-अप्रैल) में ज्यादा सक्रिय हो रहे हैं। इसी कारण अप्रैल में भी ओले और भारी बारिश का दौर जारी है।

खेती और जनजीवन पर असर

मौसम की इस बेमौसमी मार का सबसे बुरा असर किसानों पर पड़ा है। पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में पककर तैयार खड़ी रबी की फसल (गेहूं) ओलावृष्टि और बारिश की वजह से जमीन पर बिछ गई है। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड में इस वक्त बारिश के साथ-साथ बर्फबारी भी हो रही है, जो अप्रैल के महीने में काफी असामान्य है।

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कब मिलेगी राहत?

गौरतलब है कि IMD के अनुसार 9-10 अप्रैल तक बारिश और ओलों का सिलसिला जारी रह सकता है। हालांकि, 11 अप्रैल से एक और नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस दस्तक देने वाला है, जिसके गुजरने के बाद ही धीरे-धीरे गर्मी बढ़ने की उम्मीद की जा सकती है। फिलहाल, पूरा उत्तर भारत नमी, ठंडी हवाओं और अनचाही ठंड की चपेट में है।