टीआरपी डेस्क। कोरोना की वैक्सीन को लेकर हाल ही में कई डराने वाले दावे सामने आए थे। अब इन दावों को आईसीएमआर ने गलत बताया है। कोवैक्सीन के साइड इफेक्ट पर बीएचयू अध्ययन पर आईसीएमआर ने एतराज जताया है।

आईसीएमआर ने कहा कि हमें इस खराब डिजाइन वाले अध्ययन से नहीं जोड़ा जा सकता है, जिसका उद्देश्य कोवैक्सीन का ‘सुरक्षा विश्लेषण’ प्रस्तुत करना है।

आईसीएमआर के महानिदेशक डॉ. राजीव बहल ने इस स्टडी के लेखकों और जर्नल के संपादक को एक पत्र लिखा है। सभी से आईसीएमआर का नाम हटाने को कहा गया है और इसके लिए एक शुद्धि-पत्र भी छापने को कहा है। उन्होंने अध्ययन की खराब कार्यप्रणाली और डिजाइन पर भी सवाल उठाए हैं।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।