टीआरपी डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ के 129वें और 2025 की आखिरी एपिसोड में कई विषयों के बारे में जिक्र किया। उन्होंने कहा कि 2025 भारत के लिए गर्व और आत्मविश्वास से भरा वर्ष रहा, जिसमें सुरक्षा, खेल, विज्ञान, इनोवेशन और वैश्विक मंचों पर भारत की मजबूत मौजूदगी साफ दिखाई दी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि बीते साल ने हर भारतीय को कई ऐसे पल दिए, जिन पर देश को गर्व हुआ। राष्ट्रीय सुरक्षा से लेकर खेल के मैदान तक और प्रयोगशालाओं से लेकर अंतरराष्ट्रीय मंचों तक भारत ने अपनी अलग पहचान बनाई। उन्होंने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने यह स्पष्ट कर दिया कि आज का भारत अपनी सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करता।

पीएम मोदी ने स्वदेशी को लेकर बढ़ते उत्साह का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि लोग अब वही उत्पाद चुन रहे हैं, जिनमें भारतीय श्रम और भारत की मिट्टी की खुशबू हो। यह आत्मनिर्भर भारत की भावना को मजबूत करता है। हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि वर्ष 2025 में देश को कई प्राकृतिक आपदाओं का सामना करना पड़ा, लेकिन भारत 2026 में नई उम्मीदों और नए संकल्पों के साथ आगे बढ़ने के लिए तैयार है।

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मन की बात में प्रधानमंत्री ने स्वास्थ्य से जुड़ी चिंता भी साझा की। उन्होंने एंटीबायोटिक दवाओं के बढ़ते और बिना जरूरत इस्तेमाल पर चिंता जताई। ICMR की रिपोर्ट का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि निमोनिया और यूटीआई जैसी बीमारियों में दवाइयां कमजोर साबित हो रही हैं, जिसकी बड़ी वजह बिना डॉक्टर की सलाह के दवा लेना है। उन्होंने लोगों से अपील की कि खुद से दवाइयों का सेवन न करें।

प्रधानमंत्री ने जम्मू-कश्मीर के बारामूला का जिक्र करते हुए कहा कि वहां मौजूद ऊंचे टीले प्राकृतिक नहीं, बल्कि इंसानों द्वारा बनाए गए हैं। आर्कियोलॉजिकल शोध में यह सामने आया है कि ये संरचनाएं करीब दो हजार साल पुराने कश्मीर के गौरवशाली इतिहास की झलक देती हैं। फ्रांस के एक संग्रहालय में मिले चित्रों में बारामूला के बौद्ध स्तूप भी नजर आए हैं, जो कश्मीर की प्राचीन विरासत को दर्शाते हैं।

उन्होंने मणिपुर के युवा मोइरांगथेम की सराहना की, जिन्होंने बिजली की समस्या से निपटने के लिए सोलर पैनल लगाने का अभियान शुरू किया। इस पहल से सुदूर इलाके के सैकड़ों घरों तक सौर ऊर्जा पहुंची और स्थानीय स्तर पर समाधान का सफल उदाहरण सामने आया।

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प्रधानमंत्री ने विदेशों में भारतीय भाषाओं और संस्कृति को जीवित रखने के प्रयासों की भी चर्चा की। उन्होंने बताया कि दुबई में कन्नड़ परिवारों ने कन्नड़ पाठशाला शुरू की है, जिससे हजार से अधिक बच्चे जुड़े हैं। वहीं, फिजी के एक स्कूल में पहली बार तमिल दिवस मनाया गया, जहां बच्चों ने अपनी भाषा पर गर्व जताया।

मन की बात में पीएम मोदी ने स्वतंत्रता सेनानी पार्वती गिरि का भी स्मरण किया। उन्होंने कहा कि पार्वती गिरि ने 16 वर्ष की उम्र में भारत छोड़ो आंदोलन में भाग लिया और आजादी के बाद समाज सेवा को अपना जीवन समर्पित किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि आजादी दिलाने वाले नायकों और नायिकाओं की गाथा अगली पीढ़ी तक पहुंचाना हम सभी का दायित्व है।

कार्यक्रम के अंत में प्रधानमंत्री ने बताया कि ‘मन की बात’ 22 भारतीय भाषाओं, 29 बोलियों और 11 विदेशी भाषाओं में प्रसारित किया जाता है। आकाशवाणी के 500 से अधिक केंद्रों से इसका प्रसारण होता है। पहले यह कार्यक्रम 14 मिनट का था, जिसे बाद में बढ़ाकर 30 मिनट कर दिया गया।

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नवीन कुमार साहू को पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में 5 वर्ष से अधिक का अनुभव है। उन्होंने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से Bachelor of Science (Electronic Media) और Master of Science (Electronic Media) की डिग्री हासिल की है। उन्होंने राजधानी रायपुर के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें छत्तीसगढ़, राष्ट्रीय समाचार, राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लेखन का अनुभव है। वे तथ्यपरक, विश्वसनीय और SEO-अनुकूल समाचार एवं लेख तैयार करने में विशेषज्ञता रखते हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक सटीक और उपयोगी जानकारी सरल भाषा में पहुंचाना है।