नई दिल्ली। चुनावी साल है देश के 9 राज्यों में विधानसभा चुनावों के साथ अलगे वर्ष लोकसभा चुनाव भी है और इस बीच आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत का एक ऐसा बयान सामने आया है जो भाजपा के लिए मुसीबत बन गया है। भाजपा और आरएसएस दोनों ही मिलकर इस बयान पर डेमेजे कंट्रोल में जुट गई है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर संघचालक मोहन भागवत ने मुंबई में कहा की भगवान ने कहा था की उनके लिए सब एक है, उनमें कोई जाति वर्ण नहीं है लेकिन पंडितों ने श्रेणी बनाई जो गलत था। इस बयान के बाद बाद संघ और भाजपा के ब्राह्मण नेता डैमेज कंट्रोल में जुट गए हैं। जानकारी के अनुसार सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर ब्राह्मणों ने संघ प्रमुख के बयान पर नाराजगी जाहिर की हैं। इधर, विपक्ष को भी बैठे बिठाए ये मुद्दा मिल गया है।  ऐसे में विपक्ष भागवत के बयान को हथियार बनाकर एक तीर से दो निशाने साधेगी। 

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