टीआरपी डेस्क। डिजिटल अरेस्ट या साइबर ठगी का शिकार होने पर अब आपकी मेहनत की कमाई वापस मिल सकती है, बशर्ते आप गोल्डन ऑवर के भीतर कार्रवाई करें। ठगी के 1 घंटे के भीतर राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 या एनसीआरबी (NCRB) के पोर्टल पर सूचना देने से संदिग्ध खातों में रकम फ्रीज होने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।

छत्तीसगढ़ सहित देशभर में साइबर ठगी और डिजिटल अरेस्ट के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। आम नागरिकों के लिए यह जानकारी जीवन रक्षक की तरह है क्योंकि ठगी के तुरंत बाद की गई रिपोर्ट से बैंक और पुलिस समन्वय कर पैसे को दूसरे खातों में ट्रांसफर होने से पहले ही लियन (Lien) लगाकर रोक सकते हैं।

ठगी के बाद का गोल्डन ऑवर

साइबर अपराध होने के बाद का पहला एक घंटा सबसे महत्वपूर्ण होता है। इसे ‘गोल्डन आवर’ कहा जाता है क्योंकि इस दौरान सूचना मिलने पर साइबर सेल संबंधित बैंकों और पेमेंट गेटवे से संपर्क कर ठगी गई रकम को तुरंत फ्रीज करा देता है। उत्तर प्रदेश ने इसी रणनीति के तहत जनवरी में 48.45 करोड़ रुपये संदिग्ध खातों में फ्रीज कराकर देश में तीसरा स्थान प्राप्त किया है।

कैसे काम करती है लियन प्रक्रिया?

जब पीड़ित समय पर शिकायत करता है, तो बैंक संदिग्ध खातों पर लियन लगा देता है। यह वह कानूनी प्रक्रिया है जिसमें खाते में मौजूद रकम के लेन-देन को ब्लॉक कर दिया जाता है। आंकड़ों के मुताबिक, इस प्रक्रिया से अब तक लगभग 35.02% रकम वापस पाने में सफलता मिली है। वर्तमान में साइबर ठगी रोकने में दादरा नगर हवेली और दमन दीव पहले तथा हरियाणा दूसरे स्थान पर है।

थानों में तैनात साइबर वॉरियर्स

यदि कोई पीड़ित ऑनलाइन पोर्टल या हेल्पलाइन का उपयोग करने में असमर्थ है, तो वह सीधे नजदीकी थाने जा सकता है। अब थानों में दो प्रशिक्षित सिपाही और एक इंस्पेक्टर विशेष रूप से साइबर फ्रॉड की मदद के लिए तैनात किए गए हैं, ताकि किसी भी पीड़ित को बिना मदद के वापस न लौटना पड़े।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।