Image Source- Google

टीआरपी डेस्क। नेशनल हेराल्ड केस से जुड़े एक मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे से पूछताछ की। सूत्रों के हवाले से अधिकारियों ने बताया कि 79 वर्षीय विपक्ष के नेता और राज्यसभा के सांसद को केस की जांच के लिए पेश होने को कहा गया था।

जांच एजेंसी की ओर से कहा गया है कि उनके द्वारा दिए गये बयान को धन शोधन निवारण अधिनियम (Prevention of Money Laundering Act ) के तहत दर्ज किया जाएगा। बता दें कि मल्लिकार्जुन करीब 11 बजे प्रवर्तन निदेशालय के दफ्तर पहुंचे, इसके बाद से उनसे पूछताछ जारी है।

नेशनल हेराल्ड केस में प्रर्वतन निदेशालय कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच कर रहा है। यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड ने कांग्रेस पर एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड के अधिग्रहण में धोखाधड़ी, साजिश और आपराधिक विश्वासघात का आरोप लगाया गया है। इसी मामले में मल्लिकार्जुन खड़गे से पूछताछ की जा रही है, क्योंकि वह यंग इंडिया और एजीएल के पदाधिकारी रह चुके हैं।

See also  कोरोना के इलाज से प्लाज्मा थेरेपी के बाद अब रेमडेसिविर दवा पर भी लग सकती है रोक, जानिए वजह

क्या है नेशनल हेराल्ड

नेशनल हेराल्ड 1938 में शुरू किया गया एक अखबार था। पंडित जवाहरलाल नेहरू ने इसका इस्तेमाल आजादी की लड़ाई में किया। पंडित नेहरू ने 1937 में असोसिएटेड जर्नल बनाया था, जिसने तीन अखबार निकालने शुरू किए। हिंदी में नवजीवन, उर्दू में कौमी आवाज और अंग्रेजी में नेशनल हेराल्ड। 2008 आते-आते असोसिएटेड जर्नल ने फैसला किया कि अब अखबार नहीं छापे जाएंगे। बाद में पता चला कि असोसिएटेड जर्नल पर 90 करोड़ रुपयों का कर्ज भी चढ़ चुका है।

को 2012 में सुब्रमण्यम स्वामी ने उठाया था मामला

सारा मामला 2012 में सुब्रमण्यम स्वामी ने उठाया था। स्वामी ने आरोप लगाया था कि कांग्रेस पार्टी ने अपने पार्टी के पैसे से सोनिया गांधी और राहुल गांधी की कंपनी यंग इंडिया को 90 करोड़ रूपये उधार दिए। उस पैसे से राहुल सोनिया की कंपनी यंग इंडिया ने नेशनल हेराल्ड अखबार निकालने वाली कंपनी एसोसिएट जनरल को खरीद लिया और उस कंपनी की करीब 5 हजार करोड़ की संपत्ति गांधी परिवार के पास आज भी मौजूद है।

See also  Corona Crisis: शाहीनबाग को पुलिस ने कराया खाली, 101 दिन से CAA-NRC के खिलाफ चल रहा प्रदर्शन हुआ खत्म

Hindi News के लिए जुड़ें हमारे साथ हमारे
फेसबुक, ट्विटरयूट्यूब, इंस्टाग्राम, लिंक्डइन, टेलीग्रामकू और वॉट्सएप, पर

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।