टीआरपी डेस्क। New UPI Transactions Limit : UPI से लेनदेन करने वाले करोड़ों यूजर्स के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव आज से लागू हो गया है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने UPI ट्रांजेक्शन लिमिट को लेकर नए नियम जारी कर दिए हैं, जिनका सीधा असर अब बड़े भुगतानों पर पड़ेगा।

क्या है बदलाव ?

NPCI के नए नियमों के तहताज से वेरिफाइड मर्चेंट्स (Verified Merchants) के लिए UPI ट्रांजेक्शन लिमिट बढ़ाकर ₹10 लाख प्रतिदिन कर दी गई है। पहले यह सीमा ₹1 लाख थी, जिसे अब दस गुना बढ़ा दिया गया है। यह सुविधा कुछ खास जरूरतों को ध्यान में रखते हुए लागू की गई है, जो इस प्रकार है :

  • इंश्योरेंस प्रीमियम
  • लोन की EMI
  • शेयर बाजार में निवेश
  • सरकारी फीस
  • बड़ी ट्रैवल बुकिंग

आम यूजर्स के लिए कौन से बदलाव ?

पर्सन-टू-पर्सन (P2P) ट्रांजेक्शन यानी 2 लोगों के बीच लेनदेन की सीमा पहले की तरह ₹1 लाख प्रतिदिन ही बनी रहेगी। इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है।

See also  कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटे में 53,000 से ज्यादा केस

आम उपयोगकर्ता जो PhonePe, Google Pay, Paytm जैसे ऐप्स के जरिए दोस्तों या परिवार को पैसे भेजते हैं, वे पुरानी लिमिट के अनुसार ही लेनदेन कर सकेंगे।

NPCI का अधिकारिक बयान

NPCI ने कुछ दिन पहले अपने X (पूर्व ट्विटर) पोस्ट में कहा था कि बढ़ी हुई लिमिट का उद्देश्य डिजिटल भुगतानों को और सुगम और प्रभावी बनाना है, जिससे लोगों के लिए डिजिटल माध्यमों से ज्यादा से ज्यादा बड़े लेनदेन करना संभव हो।

किन ऐप्स पर लागू होगा नया नियम ?

यह नियम सभी प्रमुख UPI प्लेटफॉर्म्स पर लागू किया गया है जिनमें ये ऐप्स शामिल हैं:

  • PhonePe
  • Google Pay (GPay)
  • Paytm
  • BHIM App

इनके अलावा अन्य बैंकिंग UPI ऐप्स में भी ये बदलाव किया गया है।

आपके लिए क्या मायने ?

यदि आप कोई व्यापारी हैं या किसी वेरिफाइड बिजनेस के लिए UPI इस्तेमाल करते हैं तो अब आप ₹10 लाख तक का ट्रांजेक्शन एक ही दिन में कर सकते हैं। इससे बड़ी राशि वाले पेमेंट्स को टुकड़ों में भेजने की जरूरत नहीं रहेगी। आम यूजर्स के लिए रोजाना लेनदेन में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है।

See also  बड़ी खबरः सड़क गुणवत्ता मामले में हुई बड़ी कार्रवाई, हटाए गए ईएनसी वीके भतपहरी

प्रमुख बिंदु

New UPI Transactions Limit : बढ़ी हुई लिमिट का लाभ लेने के लिए जरूरी है कि मर्चेंट NPCI द्वारा वेरिफाइड हो। सभी व्यापारिक अकाउंट्स इस बढ़ी हुई सीमा के अंतर्गत नहीं आएंगे। यदि कोई व्यापारी अपने UPI की लिमिट बढ़ाना चाहता हो तो उसे NPCI द्वारा पहले अपना वेरिफिकेशन करवाना होगा।