अब 'हिंदी' भाषा को लेकर फंसा जोमैटो कर्मचारी, ग्राहक ने सुनाई खरी खोटी, पैसे भी वापस मांगे

टीआरपी डेस्क। अक्सर सुर्ख़ियों में रहने वाली फूड डिलीवरी कंपनी जोमैटो एक बार फिर ”हिंदी भाषा” को लेकर खबरों में है। इस बार जोमैटो और एक ग्राहक के बीच जमकर बहसबाजी हुई, जिसमें कस्टमर ने आखिरी में अपना पैसा वापस करने के लिए कहा।

क्या है मामला

चेन्नई के एक कस्टमर ने जोमैटो के एक अधिकारी के खिलाफ शिकायत में कहा है कि उसे हिंदी न बोलने पर ‘झूठा’ कहा गया। ग्राहक की शिकायत है कि एक अधिकारी ने उससे कहा कि उसे हिंदी तो थोड़ी बहुत आनी चाहिए क्योंकि यह हमारी ‘राष्ट्र भाषा’ है।

यह सब ट्वीट का ग्राहक ने स्क्रीनशॉट किया जिसमें कहा जा रहा है कि उसने जो ऑर्डर दिया उसमें से एक आइटम नहीं पहुंचा है। वह ऑर्डर को लेकर जोमैटे के अधिकारी के साथ बहस करता नजर आया है। ग्राहक से अधिकारी कहता है कि उसकी रेस्तरां से पांच बार बात हो चुकी है लेकिन वहां ‘भाषा की बाधा’ है। इस पर ग्राहक जवाब देता है यह मेरी समस्या नहीं है। आप जल्द से जल्द पैसे लौटाइए।

See also  पिछले 24 घंटे में कोरोना से 1,733 लोगों ने तोड़ा दम, लगातार दूसरे दिन 1000 से ज्यादा की हुई मौत

डीएमके के सांसद सेंथिल कुमार ने भी अपने हैंडल पर विकास का ट्वीट साझा किया। सांसद ने जोमैटो से इसकी जवाबदेही तय करने की मांग की। उन्होंने कहा, ‘तमिलनाडु में एक ग्राहक को हिंदी क्यों आनी चाहिए और किस आधार पर आपने यह कहा कि उसे थोड़ी-बहुत हिंदी की जानकारी होनी चाहिए। 

Hindi News के लिए जुड़ें हमारे साथ हमारे
फेसबुक, ट्विटरयूट्यूब, इंस्टाग्राम, लिंक्डइन, टेलीग्रामकू और वॉट्सएप, पर

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।