47 में से मात्र 9 बच्चे हुए पास, गुस्साए ग्रामीणों ने स्कूल पर ही जड़ दिया ताला कहा- मोबाइल पर व्यस्त रहती हैं अध्यापिकाएं
47 में से मात्र 9 बच्चे हुए पास, गुस्साए ग्रामीणों ने स्कूल पर ही जड़ दिया ताला कहा- मोबाइल पर व्यस्त रहती हैं अध्यापिकाएं

टीआरपी डेस्क। एक स्कूल ऐसा भी है जहां कक्षा दसवीं के 47 छात्रों में से मात्र 9 छात्र ही परीक्षा में पास हो सके। जिसके बाद ग्रामीणों ने गुस्से में आकर स्कूल पर ही ताला जड़ दिया। जी हां यह मामला राजस्थान के राजसमंद जिले के पिपरड़ा गांव का है। जहां के राजकीय स्कूल का परीक्षा परिणाम मात्र 19 फीसदी रहा।

इससे गांव के लोग काफी गुस्सा है और उन्होंने स्कूल के पूरे स्टाफ को ही बदलने की मांग की है। ऐसी जानकारी है कि पीपरड़ा गांव के स्कूल में लंबे समय से गणित पढ़ाने के लिए शिक्षक ही नहीं हैं। इसके कारण ही 19 छात्र पूरक और शेष सभी बच्चे गणित में फेल हो गए। जिससे नाराज होकर ग्रामीणों ने शुक्रवार को स्कूल के मेनगेट पर ही ताला लगा दिया। जिसके सूचना मिलते ही राजसमंद सीबीईओ हरकत में आए। उन्होंने ग्रामीणों को समझाया और स्कूल का ताला खुलवाया।

ग्रामीणों का आरोप है कि लंबे समय में स्कूल में शिक्षक ही नहीं है। स्कूल में दो ही अध्यापक हैं बाकी अध्यापिकाएं हैं जो अधिकांश समय सेलफोन पर ही व्यस्त रहती है। छात्र भी मोबाइल लेकर ही स्कूल जाते हैं। इससे स्कूल में पढ़ाई कम और मोबाइल ज्यादा चलते हैं। जिसका असर छात्रों के परीक्षा परीणाम पर भी पड़ा है।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।