नेशनल डेस्क। पिछले 13 दिनों से लगातार चल रहे युद्ध का असर अब देश की अर्थव्यवस्था के साथ लोगों के दैनिक जीवन पर भी पड़ने लगा है। वैसे तो युद्ध यहाँ से मीलों दूर हो रहा है लेकिन इस युद्ध का प्रभाव अब धीरे-धीरे आम जनता की किचन तक पहुंच गया है।

दरअसल, यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद भारत में लोग पैनिक बाइंग (Panic Buying) करने लग गए हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक युद्ध से डरकर लोग अपनी आवश्यकता से ज्यादा सामान खरीदकर रख रहें है। खासकर खाने के तेल (Edible Oil) के मामले में लोग जरूरत से ज्यादा स्टॉक खरीदकर रख रहे हैं।

फेक मैसेज से बढ़ रहा पैनिक बाइंग:

मिली जानकारी के अनुसार, लोगों को इस बात का डर सता रहा है कि कहीं इस जंग के चलते खाने के तेलों की कमी (Edible Oil Shortage) न हो जाए। व्हाट्सप्प (WhatsApp) पर वायरल हो रहे फेक मैसेजेज पैनिक बाइंग (Panic Buying) को और बढ़ा रहे हैं।

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आवश्यकता से दोगुना खरीद रहे सामान

एक सर्वे में यह पता लगाया गया कि घरेलु महिलाएं तेलों की कमी (Edible Oil Shortage) के डर से आवश्यकता से दोगुना तेल खरीद कर रख रही है। यानी अगर कोई प्रतिमाह 5 लीटर तेल खरीदता है तो वह अब 10 लीटर तेल खरीदकर रख रहे है।

सनफ्लावर ऑयल के लिए रूस-यूक्रेन पर निर्भर:

बता दें भारत खाने के तेल के मामले में बहुत हद तक इम्पोर्ट पर निर्भर है। भारत में खाने के तेल की दो-तिहाई जरूरतें आयत से ही पूरी होती हैं। अगर बात करें सनफ्लावर ऑयल (Sunflower Oil) की तो इसके मामले में भारत लगभग पूरी तरह से रूस और यूक्रेन पर निर्भर है। भारत सनफ्लावर ऑयल का 90% से ज्यादा इन्हीं दो देशों से इम्पोर्ट करता है।

अन्य तेलों की नहीं होगी कमी

जानकारों के अनुसार, ऐसी स्थिति में हमें पैनिक होने की जरूरत नहीं है। हालात उचित न होने पर भी हमें पैनिक बाइंग नहीं करना चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि, अगर कुछ होता भी है तो सिर्फ सनफ्लावर ऑयल की दिक्कत होगी। एक रिपोर्ट के अनुसार ‘अन्य सभी खाने के तेल जैसे पॉम ऑयल, सोया तेल, सरसों तेल, मूंगफली तेल आदि की आपूर्ति में कोई दिक्कत नहीं है। इस कारण पैनिक बाइंग करने की कोई जरूरत नहीं है।’

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।