सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली। आज सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति को हटाने की याचिका खारिज कर दी। इस याचिका में राष्ट्रपति को हटाकर याचिकाकर्ता को ही राष्ट्रपति बनाने की मांग की गई थी।

बता दें कि याचिकाकर्ता किशोर जे सावंत का कहना था कि 2004 के बाद से उन्हें राष्ट्रपति चुनाव के लिए नामांकन नहीं भरने दिया जा रहा है। ऐसे में सुनवाई के दौरान जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और हिमा कोहली की बेंच ने याचिका पर कड़ी नाराजगी जाहिर कते हुए स्पष्ट तौर पर कहा कि ये किस तरह के अपमानजनक आरोप राष्ट्रपति पर लगा रहे हैं।

जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा कि यह याचिका पूरी तरह तुच्छ है। यह कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग है। हम याचिका को खारिज करते हैं। साथ ही यह सुनिश्चित हो कि भविष्य में ऐसी याचिकाए दाखिल न हों।

वहीं याचिकाकर्ता ने अपने पक्ष में कहा था कि भारत में संवैधानिक लोकतंत्र के मूल मूल्यों की फिर से व्याख्या करेगा। मैं एक पर्यावरणविद् हूं पर मुझे चुनाव लड़ने की अनुमति नहीं है। श्रीलंका का हालिया उदाहरण है, जहां राष्ट्रपति के घर में नागरिक घुस गए। रूस में क्या हो रहा है? मैं पूरी दुनिया के लिए काम करूंगा, जहां चीजें गड़बड़ हैं। याचिकाकर्ता ने यह भी कहा कि राष्ट्रपति की भूमिका को नए सिरे से परिभाषित करने की जरूरत है।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।