Election Commission Controversy: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने हाल ही में एक अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्र सरकार, भाजपा और चुनाव आयोग पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने दावा किया कि देश में चुनावों और वोटिंग सिस्टम के साथ छेड़छाड़ की जा रही है।
राहुल गांधी के अनुसार, यदि वोट की सुरक्षा खत्म होती है, तो देश का संविधान, कानून और तमाम लोकतांत्रिक संस्थान भी धीरे-धीरे ध्वस्त हो जाएंगे।
एंटी-इन्कंबेंसी और चुनावी परिणामों पर सवाल
प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने कहा कि भारत के राजनीतिक इतिहास में ‘एंटी-इन्कंबेंसी’ (सरकार के खिलाफ जनआरोहण/प्रतिरोध) का एक स्वाभाविक चक्र होता है, जो हर मजबूत सरकार के खिलाफ कुछ वर्षों में उभरता है। इंदिरा गांधी से लेकर कई अन्य प्रधानमंत्रियों के दौर में भी ऐसा देखा गया। हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी और अमित शाह के नेतृत्व में भाजपा के दौर में कई राज्यों में यह एंटी-इन्कंबेंसी का फैक्टर अचानक गायब सा हो जाता है।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग
राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार पर सीधा निशाना साधते हुए उनके तत्काल इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग जैसी संस्था का काम जनता के वोटों की रक्षा करना है, लेकिन आंतरिक स्तर पर उठे सवालों और कथित गड़बड़ियों के चलते इस संवैधानिक संस्था की निष्पक्षता पर गंभीर दाग लगे हैं। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि इस पूरी प्रक्रिया में शामिल हर व्यक्ति पर कानूनी कार्रवाई होगी।
चुनाव आयोग के भीतर आंतरिक मतभेद और मीडिया रिपोर्ट्स
यह पूरा विवाद तब और गहरा गया जब मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि चुनाव आयोग के भीतर दो अन्य आयुक्तों (सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी) ने पिछले कुछ महीनों में आयोग के कई फैसलों, विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और फॉर्म-6 में बदलाव जैसी प्रक्रियाओं पर आपत्ति जताई थी। हालांकि, चुनाव आयोग ने इन सभी आरोपों का खंडन करते हुए कहा है कि संस्था संविधान के दायरे में काम करती है और आंतरिक चर्चाएं व मतभेद प्रक्रिया का सामान्य हिस्सा हैं।
चेन रिएक्शन: वोट चोरी से कानून और संस्थाओं की बर्बादी
राहुल गांधी ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए एक ‘चेन रिएक्शन’ का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि “वोट चोरी से कानून चोरी आती है और कानून चोरी से संस्था चोरी होती है।” यदि गलत तरीकों या चोरी किए गए वोटों से चुने गए प्रतिनिधि संसद में बैठकर कानून बनाएंगे, तो वे सारे कानून और संस्थागत बदलाव भी स्वतः अवैध माने जाएंगे। उन्होंने अंत में कहा कि लोकतंत्र को बचाने के लिए इन गड़बड़ियों का खुलकर विरोध किया जाएगा।
- राहुल गांधी ने चुनावों में गड़बड़ियों, वोट चोरी, चुनाव आयोग की भूमिका और एंटी-इन्कंबेंसी के गायब होने जैसे गंभीर मुद्दों पर बात की।
- राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से उनके पद से तत्काल इस्तीफा देने की मांग की है।
- चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले कुछ महीनों में आंतरिक फैसलों पर आपत्तियां दर्ज कराई थीं।
- चुनाव आयोग ने अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि वह पूरी तरह से संविधान के दायरे में काम करता है और आंतरिक सुझाव या टिप्पणियां सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा हैं।
- राहुल गांधी ने ‘वोट चोरी’ के परिणामों के बारे में कहा कि वोट चोरी से कानून चोरी और कानून चोरी से संस्थाओं की चोरी होती है, जिससे अंततः देश का पूरा लोकतांत्रिक ढांचा प्रभावित होता है।



