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Election Commission Controversy: दीपक बैज का बड़ा हमला, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भाजपा के इशारे पर वोट चोरी का लगाया आरोप

Election Commission Controversy: छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार की कार्यप्रणाली को लेकर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में एसआईआर (SIR) के तहत मतदाताओं के नाम हटाने और जोड़ने की प्रक्रिया पर 14 बार […]

Chhattisgarh Pradesh Congress Committee President Deepak Baij
तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य

Election Commission Controversy: छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार की कार्यप्रणाली को लेकर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में एसआईआर (SIR) के तहत मतदाताओं के नाम हटाने और जोड़ने की प्रक्रिया पर 14 बार लिखित आपत्तियां दर्ज कराई थीं, जिन्हें मुख्य चुनाव आयुक्त ने नजरअंदाज कर दिया।

बैज ने आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार अपनी मनमानी चलाकर देश के करोड़ों मतदाताओं के नाम कटवाने के षडयंत्र में शामिल रहे हैं।

मोदी-शाह के इशारे पर सिस्टम हाइजैक करने का आरोप

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कड़े शब्दों में आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के इशारे पर ज्ञानेश कुमार ने पूरे चुनावी सिस्टम को हाइजैक कर लिया है। उन्होंने दावा किया कि वोट चोरी जैसे लोकतंत्र विरोधी कृत्यों को अंजाम देने के लिए सरकार द्वारा संरक्षण प्रदान किया जा रहा है। इसी उद्देश्य के तहत दिसंबर 2023 में संसद में कानून लाकर चुनाव आयुक्तों को गिरफ्तारी और अभियोजन से विशेष संरक्षण दिया गया था, ताकि वे बिना किसी डर के अपने कथित पक्षपातपूर्ण कार्य कर सकें।

राहुल गांधी के आरोपों के प्रमाणित होने का दावा

दीपक बैज ने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा चुनाव आयोग और वोट चोरी को लेकर उठाए गए तमाम गंभीर सवाल अब पूरी तरह प्रमाणित हो रहे हैं। दोनों चुनाव आयुक्तों (सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी) की लिखित टिप्पणियों से यह स्पष्ट हो गया है कि सीईसी ज्ञानेश कुमार अपने संवैधानिक पद के दायित्वों का निष्पक्ष रूप से निर्वहन नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने काफी पहले ही वोट चोरी का जो मुद्दा उठाया था, आज के तथ्य उसे बिल्कुल सही साबित करते हैं।

विभिन्न राज्यों में चुनाव प्रक्रियाओं पर गंभीर सवाल

दीपक बैज के अनुसार, मुख्य चुनाव आयुक्त ने केंद्रीय गृह मंत्रालय के इशारे पर एक कठपुतली की तरह काम किया है। छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, बिहार, बंगाल और असम सहित देश के कई राज्यों में चुनाव प्रक्रियाओं और मतदाता सूचियों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। कांग्रेस पार्टी ने मांग की है कि इस पूरे मामले की पूरी निष्पक्षता के साथ उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए और इसके लिए जिम्मेदार सभी लोगों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जानी चाहिए।

महाभियोग प्रस्ताव और संवैधानिक पद की गरिमा पर सवाल

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने अंत में कहा कि सीईसी ने अपने संवैधानिक पद की गरिमा को पूरी तरह धूमिल कर दिया है। इससे पहले 24 अप्रैल 2026 को विपक्ष के 73 सांसदों ने उन्हें पद से हटाने के लिए महाभियोग प्रस्ताव भी पेश किया था, जो अभी लंबित है। अब उनके अपने ही सहयोगियों द्वारा पोल खोले जाने के बाद यदि संसद का विशेष सत्र बुलाया जाता है, तो विपक्षी सांसद एक बार फिर उन्हें पद से हटाने के लिए आक्रामक रूप से महाभियोग का कदम उठाएंगे।

  • छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने आरोप लगाया है कि सीईसी ज्ञानेश कुमार ने भाजपा के इशारे पर मनमानी करते हुए एसआईआर प्रक्रिया के तहत करोड़ों मतदाताओं के नाम कटवाए हैं।
  • मीडिया रिपोर्ट्स और बयानों के अनुसार, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में 14 बार लिखित आपत्तियां दर्ज कराई थीं।
  • कांग्रेस का दावा है कि सरकार ने चुनाव आयुक्तों को गिरफ्तारी और अभियोजन से संरक्षण देने के लिए दिसंबर 2023 में कानून बनाया था ताकि ऐसे षडयंत्रों को सुरक्षित रखा जा सके।
  • विपक्ष के 73 सांसदों द्वारा 24 अप्रैल 2026 को उन्हें पद से हटाने के लिए महाभियोग प्रस्ताव पेश किया गया था।
  • दीपक बैज ने छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, बिहार, बंगाल और असम जैसे राज्यों की चुनाव प्रक्रियाओं पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

Shravan Sharma
लेखक / पत्रकार:

Shravan Sharma

विशेष संवाददाता (Special Correspondent)

वरिष्ठ न्यूज़ रिपोर्टर, The Rural Press

The Rural Press के लिए निष्पक्ष और निर्भीक रिपोर्टिंग।

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