पटना। Waqf Bill: वक्फ बिल को समर्थन देने से जेडीयू के दो मुस्लिम नेताओं ने पार्टी की प्रा​थमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। बता दें इसी साल बिहार में लगभग 6 से 7 महीने बाद विधानसभा चुनाव होना है। ऐसे में बिहार भारत का पहला ऐसा राज्य बन गया है, जो वक्फ संशोधन विधेयक के पारित होने के बाद विधानसभा चुनाव से गुजरेगा।

जैसे ही नीतीश कुमार की पार्टी ने वक्फ बिल पर अपनी सहमति जाताई, जेडीयू के दो मुस्लिम नेताओं ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया, उन्होंने जेडीयू द्वारा वक्फ संशोधन विधेयक का समर्थन करने पर गहरी निराशा व्यक्त की है।

जदयू के अल्पसंख्यक राज्य सचिव मोहम्मद शाहनवाज मलिक ने अपना इस्तीफा पार्टी अध्यक्ष को भेज दिया है। इससे पहले मोहम्मद कासिम अंसारी ने भी जनता दल यूनाइटेड की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था।

बता दें कि बिहार की करीब 18% मुस्लिम आबादी कई निर्वाचन क्षेत्रों में निर्णायक भूमिका निभाती है। वैसे भी बिहार में मुस्लिम-यादव यानी एमवाई समीकरण पहले से ही राजद के लिए मजबूत रहा है। अगर यह मुद्दा चुनाव तक गर्म बना रहा, तो पूर्वी बिहार और सीमांचल में मुस्लिम वोटों का पूरा ध्रुवीकरण महागठबंधन के पक्ष में हो सकता है।

यदि मुस्लिम मतदाताओं का गुस्सा बरकरार रहता है और जेडीयू-एलजेपी जैसी पार्टियां इसे संभालने में विफल रहती हैं, तो एनडीए को 10-15 सीटों का नुकसान हो सकता है। वहीं दूसरी ओर, मुस्लिम वोटों के ध्रुवीकरण से राजद को 15-20 अतिरिक्त सीटें मिल सकती हैं।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।