सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली। रामसेतु मामले को लेकर केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में जवाब दिया है कि वह रामसेतु को राष्ट्रीय स्मारक बनाए जाने का मांग पर सरकार विचार कर रही है। सुप्रीम कोर्ट ने बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी को संस्कृति मंत्रालय के सामने दस्तावेज पेश करने की छूट दी है।

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट में सुब्रह्मण्यम स्वामी के आवेदन पर कहा कि रामसेतु को राष्ट्रीय स्मारक बनाने की मांग पर संस्कृति मंत्रालय में प्रोसेस जारी है। इससे पहले केंद्र ने 12 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि वह बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी की याचिका पर फरवरी के पहले सप्ताह में अपना जवाब दाखिल करेगी।

प्रधान न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस पीएस नरसिम्हा ने स्वामी को आश्वासन दिया था कि मामले की सुनवाई फरवरी के दूसरे सप्ताह में की जाएगी। बता दें कि मामले को गुरुवार को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया था।

स्वामी की याचिका में राम सेतु को राष्ट्रीय महत्व का स्मारक घोषित करने के लिए केंद्र सरकार और राष्ट्रीय स्मारक प्राधिकरण को निर्देश देने की मांग की गई थी। बता दें कि राम सेतु को आदम ब्रिज के नाम से भी जाना जाता है। यह तमिलनाडु के दक्षिण-पूर्वी तट से पंबन द्वीप और श्रीलंका के उत्तर-पश्चिमी तट पर मन्नार द्वीप के बीच चूने के पत्थरों से बनी एक श्रृंखला है।

See also  सुप्रीम कोर्ट पहुंची दिल्ली महापौर चुनाव की लड़ाई 

Hindi News के लिए जुड़ें हमारे साथ हमारे
फेसबुक, ट्विटरयूट्यूब, इंस्टाग्राम, लिंक्डइन, टेलीग्रामकू
 पर

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।