हाईकोर्ट ने इन राजनीतिक दलों को भेजा नोटिस पूछा- जातीय रैलियों पर क्यों न हमेशा के लिए लगा दें बैन?

टीआरपी डेस्क। इलाहाबाद हाईकोर्ट जाति आधारित रैलियों को लेकर सख्त रुख अपनाया है। हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने उत्तर प्रदेश के चार प्रमुख राजनीतिक दलों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

कोर्ट ने पूछा है कि राज्य में जाति आधारित रैलियों पर हमेशा के लिए पूर्ण प्रतिबंध क्यों नहीं लगाया जाना चाहिए और उल्लंघन के मामले में चुनाव आयोग को उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं करनी चाहिए।

अब 15 दिसंबर को अगली सुनवाई

चीफ जस्टिस राजेश बिंदल और जस्टिस जसप्रीत सिंह की बेंच ने वकील मोतीलाल यादव की ओर से दायर एक जनहित याचिका पर आदेश पारित किया, जिसमें उत्तर प्रदेश में जाति आधारित रैलियों पर प्रतिबंध लगाने की मांग की गई थी।

बेंच ने अपने आदेश में सुनवाई की अगली तारीख 15 दिसंबर तय करते हुए इस मुद्दे पर जवाब देने के लिए मुख्य चुनाव आयुक्त को नोटिस भी जारी किया है।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।