नेशनल डेस्क। कर्नाटक में हिज़ाब विवाद पर आज हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए स्कूल-कॉलेजो में हिज़ाब को बैन कर दिया है। लेकिन कर्नाटक हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद राज्य के एक कॉलेज की छात्राओं ने परीक्षा का बहिष्कार कर दिया। कर्नाटक हाईकोर्ट के इस फैसले पर AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने असहमति जताई है।

हिज़ाब विवाद पर कर्नाटक हाईकोर्ट का फैसला आने के बाद एक तरफ AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने कोर्ट से फैसले से असहमति जताई है। वहीं दूसरी तरफ जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने इसे मुस्लिम महिलाओं की धार्मिक आजादी के खिलाफ बताया है।

हिजाब बैन संविधान के आर्टिकल-15 का उल्लंघन :ओवैसी

AIMIM (All India Majlis-e-Ittehadul Muslimeen) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसीने अपने बयान में कहा कि, “मैं कोर्ट के फैसले से सहमत नहीं हूँ, यह मेरा हक है। मुझे समझ नहीं आता आखिर हिजाब पहनने से दिक्कत क्या है? इसके आलावा उन्होंने कहा कि, “हिजाब बैन संविधान के आर्टिकल-15 का उल्लंघन करता है, जो देश के हर नागरिक को धर्म, संस्कृति, अभिव्यक्ति और कला की स्वतंत्रता देता है। कोर्ट के इस फैसले का मुस्लिम महिलाओं पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। मॉडर्न बनने की दौड़ में हम धार्मिक प्रथाओं को भूल नहीं सकते।”

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फैसला बेहद निराशाजनक :महबूबा मुफ्ती बोलीं

PDP (Jammu and Kashmir Peoples Democratic Party) प्रमुख और जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती ने भी कर्नाटक हाईकोर्ट के हिजाब बैन के फैसले पर सवाल उठाए है। महबूबा मुफ़्ती ने कहा कि, “हिजाब बैन को बरकरार रखने का कर्नाटक हाईकोर्ट का फैसला बेहद निराशाजनक है। एक तरफ हम महिलाओं के सशक्तिकरण की बात करते हैं फिर भी हम उन्हें एक साधारण अधिकार से वंचित कर रहे हैं। यह सिर्फ धर्म से जुड़ा हुआ नहीं है, बल्कि चुनने की स्वतंत्रता का भी मसला है।”

CM बोले- अशांति फैलाने वालों पर कार्रवाई होगी

हिज़ाब विवाद पर फैसला आने के बाद अलग-अलग दलों की प्रतिक्रियाओं को देखते हुए CM बसवराज बोम्मई ने बड़ा फैसला सुनाया है। कर्नाटक हाईकोर्ट के इस फैसले पर कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने बयान दिया है कि ” राज्य में शांति भंग करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”

छात्राओं ने किया परीक्षा का बहिष्कार

एक रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार, कर्नाटक के यादगिर के सुरापुरा तालुका के केम्बावी सरकारी कॉलेज की छात्राओं परीक्षा का बहिष्कार किया और हिजाब पहनी हुईं ये छात्राएं परीक्षा हॉल से बाहर आ गईं। बता दें ये छात्राएं कॉलेज में हिजाब पहनकर ही परीक्षा देने पहुंची थीं। इनकी परीक्षा मंगलवार सुबह 10 बजे शुरू हुई और यह 1 बजे खत्म होने वाली थी।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।