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टीआरपी डेस्क। पूरी दुनिया में लाखों लोग ऐसे होते हैं जो बगैर खाए ही सोते हैं। साथ ही ऐसे करोड़ों लोग हैं जो खाना बर्बाद करने में पीछे नहीं हटते। भारत में प्रति व्यक्ति हर साल औसतन 50 किलो तक खाना बर्बाद करते हैं। ये आंकड़े बहुत ही चौंकाने वाले हैं, जितनी बड़ी जनसंख्या उतनी बड़ी खाने की बर्बादी। खाने की बर्बादी के मामले में चीन के बाद भारत दुनिया में दूसरे स्थान पर है।

190 मिलियन लोग हैं कुपोषित

पर्याप्त फूड प्रोडक्शन के बावजूद यूनाइटेड नेशन के आंकड़े बताते हैं कि लगभग 190 मिलियन भारतीय कुपोषित हैं। संयुक्त राष्ट्र (UN) की एक रिपोर्ट के अनुसार भारत में सालाना लगभग 68.7 मिलियन टन खाना बर्बाद होता है। आपको यह भी बताते चले की भारत में भोजन की बर्बादी की कीमत सालाना लगभग 92,000 हजार करोड़ रुपए तक पहुंच चुकी है।

हर साल टन भर का खाना होता है बर्बाद

यूनाइटेड नेशंस एनवायरनमेंट प्रोग्राम (UNEP) और सहयोगी संगठन फूड वेस्ट इंडेक्स रिपोर्ट के साल 2021 के मुताबिक लगभग 931 मिलियन टन खाद्य सामग्री बर्बाद हुई है, जिसमें से 61 फीसदी घरों में, 26 फीसदी फूड सर्विस और खुदरा से 13 फीसदी है।

वहीं आंकड़ो पर ध्यान दें तो यह भी पता चलता है की अनुमानित तौर पर भारत में हर कोई सालाना लगभग 50 किलोग्राम तक खाना बर्बाद कर देता है। देश में खाने की बर्बादी का आकड़ा सालाना 68,760,163 टन तक पहुंच चुका है।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।